कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आदिवासियों को बेदखल करने से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने को कहा है. राहुल गांधी ने इसके लिए मुख्यमंत्री बघेल को एक पत्र लिखा है. दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि जिन आदिवासियों और वनवासियों के वन्य भूमि के दावे खारिज कर दिये गये हैं, उन्हें बेदखल किया जाए.
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राहुल गांधी ने बघेल को 23 फरवरी को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के संबंध में आपका तुरंत दखल देना जरूरी है. अदालत ने राज्य सरकारों को आदिवासियों एवं अन्य वनवासियों को बेदखल करने का आदेश दिया है जिनका दावा वन अधिकार कानून के तहत खारिज कर दिया गया है.' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘इतने बड़े पैमाने पर उन्हें बेदखल किये जाने'' के मद्देनजर इस संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर करना ठीक होगा.
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वहीं, केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि देशभर में दस लाख से अधिक आदिवासियों और वनवासियों को जमीन से बेदखल करने के मुद्दे को ‘‘सहानुभूतिपूर्वक'' देखा जाना चाहिए. उच्चतम न्यायालय ने 21 राज्यों को उन आदिवासियों और वनवासियों को बेदखल करने को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में उसे अवगत कराने को कहा है, जिनका वनभूमि पर दावा खारिज कर दिया गया था.
केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री हर्षवर्धन ने उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश पर संभलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘इस मुद्दे को सहानुभूतिपूर्वक देखा जाना चाहिए.' हालांकि उन्होंने इस संबंध में विस्तार से नहीं बताया और कहा कि उन्होंने 13 फरवरी के फैसले को नहीं पढ़ा है और उन्हें केवल मीडिया के माध्यम से ही इस बारे में पता चला है.
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दरअसल, शीर्ष न्यायालय ने 13 फरवरी को संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा था कि जिन आदिवासियों-वनवासियों के खिलाफ जमीन से बेदखल किये जाने का आदेश जारी हुआ था, उन्हें हटाया गया या नहीं और अगर ऐसा नहीं हुआ है तो वजह बतायी जाए.
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