कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉफ्रेंस कर बीते दिन प्रधानमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन और जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने रहे प्रदर्शनकारियों की मांगें सामने रखी. राहुल गांधी ने इस दौरान बताया कि बीते दिन जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने आई तब उनके मुंह से खून निकल रहा था.
उन्होंने कहा, "मैं छात्र आंदोलन को पूरा सपोर्ट कर रहा हूं. कल मेरे मुंह से खून निकल रहा था. लेकिन चर्चा का विषय ये है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा हो. इसके अलावा जो नीट पेपर लीक में शामिल हो उसे सजा मिले और तीसरा डिमांड है कि प्रधानमंत्री माफी मांगें."
'मुझे तो इसकी आदत है'
चहेरे पर चोट लगने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, " मुझे तो इसकी आदत है. मुझे इसका बहुत फर्क नहीं पड़ता है. ये छोटी कीमत है. ये मेरे लिए गर्व की बात है. अपने लोगों के चोट खाना मेरे लिए गर्व की बात है. अगर ऐसा है तो चार-पांच और पंच खा सकता हूं."
कांग्रेस नेता ने कहा, "जब पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे तब उन्होंने कहा कि इस सरकार को हटाइए. ये सच है. एक ने कहा मैं राजस्थान का हूं इनको हटाइए. मैं बस वर्दी पहने हूं. एक ने कहा कि मैं हरियाणा का हूं. पुलिस भी सरकार से खुश नहीं है. वो अपने बच्चों को इसके बीच में देखते होंगे. "
हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है।
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
⦿ 152 पेपर लीक हुए
⦿ 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए
⦿ किसी एक को भी सजा नहीं मिली
यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/Cs7sYn1XSe
हमारी शिक्षा व्यवस्था आम लोगों की पहुंच से बाहर: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, हमारा एजुकेशन सिस्टम गरीबों और मिडिल क्लास लोगों की पहुंच से बाहर है. हिंदुस्तान की सरकार जितना पैसा शिक्षा बजट में डालती है, उतना ही पैसा एक NEET एग्जाम के लिए छात्र और उनके परिवार सरकार को देते हैं. ये देश के हर एक छात्र और उनके परिवार का अपमान है."
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