- कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के नेताओं को गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी बंद करने के सख्त निर्देश दिए हैं
- पंजाब में फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल नहीं है, और चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा
- पार्टी ने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देना जरूरी है
कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के पार्टी नेताओं को गुटबाजी और बयानबाजी बंद करने को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं. पार्टी ने फिलहाल पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से भी इंकार किया है. साथ ही यह भी एलान किया कि साल भर बाद होने वाला विधानसभा चुनाव कांग्रेस सीएम चेहरे का एलान किए बिना सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी.
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के घर पर पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सभी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी से दूर रहने को कहा गया है. नेताओं से अपनी राय मीडिया या सोशल मीडिया की बजाय पार्टी के भीतर अपनी राय रखने को कहा गया है. पंजाब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि फ़िलहाल नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल नहीं है.
वहीं, प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख पदों पर जट सिख नेताओं के काबिज होने और दलित नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि पंजाब समेत देश भर में कांग्रेस दलित, आदिवासी, पिछड़े और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है. ये आलाकमान की ज़िम्मेदारी है लेकिन इसको लेकर मीडिया में चर्चा करने से कांग्रेस को मदद नहीं मिलेगी. सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेता एकजुट हैं. पंजाब हम आराम से जीत रहे हैं. गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दरअसल, पंजाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने को लेकर पार्टी नेताओं में होड़ मची है. पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, वरिष्ठ नेता और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, विधायक परगट सिंह, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद अमर सिंह जैसे नेता इस रेस में हैं. इस बीच बीते दिनों पार्टी की एक बैठक में चन्नी ने प्रदेश कांग्रेस में दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया था. चन्नी के इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस में घमासान मच गया.
दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं के एक गुट ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग की जगह ने चन्नी को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने को लेकर पार्टी आलाकमान के पास पैरवी शुरू कर दी. ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने बैठक बुला कर सभी वरिष्ठ नेताओं को सुना और बयानबाज़ी बंद करने के निर्देश दिए. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान चन्नी से जुड़े हाल के घटनाक्रम से नाराज है.
बैठक के बाद पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल ने भी कहा कि अनुशासनहीनता को किसी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. चुनाव ने चेहरे के सवाल पर बघेल ने साफ़ किया कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. बघेल ने कहा कि राहुल गांधी और खरगे हमारे चेहरे हैं, हम उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे.
पंजाब को लेकर कांग्रेस इस अहम बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजा वाडिंग, विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद अमर सिंह, पंजाब के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष विजय सिंगला और वरिष्ठ नेता अम्बिका सोनी मौजूद रहे.
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