पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया खुलासा हुआ है. अब तक पुलिस की जांच मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी तक सीमित थी, लेकिन अब चेतन के दोस्त रितेश हांगे की गिरफ्तारी ने इस सनसनीखेज मामले को और पेचीदा बना दिया है. पुलिस को शक है कि रितेश को हत्या की साजिश की पहले से जानकारी थी और वह योजना बनाने के दौरान दोनों के संपर्क में था. पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले पर 18 जून को हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया.
लोनावाला पुलिस ने चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है. वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार, रितेश पर हत्या की साजिश की जानकारी होने और उसकी योजना में कथित रूप से शामिल रहने का संदेह है.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे हत्या की योजना के बारे में कितना पता था और क्या उसने किसी भी तरह से अपराध में सहयोग किया था.
सिया और चेतन पहले से ही हैं गिरफ्तार
इस मामले में पहले ही 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस का आरोप है कि सिया की शादी नवंबर में केतन अग्रवाल से होने वाली थी, लेकिन वह यह रिश्ता नहीं चाहती थी. इसी वजह से उसने चेतन के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर अपने एक क्लासमेट के साथ बैठकर हत्या की योजना पर चर्चा की थी. पुलिस को संदेह है कि रितेश हांगे को इस पूरी योजना की जानकारी थी.
सूत्रों के मुताबिक, सिया और चेतन ने कई बार रितेश को अपने साथ लोहागढ़ किले चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने जाने से इनकार कर दिया. इसके बावजूद जांच एजेंसियों को शक है कि वह पहले से हत्या की साजिश से वाकिफ था.
हत्या के बाद भी चेतन और रितेश ने की थी मुलाकात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद भी चेतन चौधरी की रितेश से मुलाकात हुई थी. इतना ही नहीं, सिया भी कथित रूप से उसके संपर्क में थी. जांच के दौरान चेतन के मोबाइल फोन से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस रितेश तक पहुंची.
बीड जिले का रहने वाला रितेश फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में काम करता है. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मई के अंतिम सप्ताह में, यानी घटना से कई हफ्ते पहले, उसकी चेतन के साथ लगातार बातचीत हो रही थी.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हत्या की पूरी योजना बेहद सोच-समझकर बनाई गई थी. पुलिस का दावा है कि लोहागढ़ किले पर पहुंचने के बाद सिया को एक खास संकेत देना था, जिसके बाद चेतन पीछे से आकर केतन को धक्का देने वाला था.
बताया गया है कि दोनों ने पहले से तय कर रखा था कि सिया या तो पानी पीने के बहाने बैठेगी या फिर जूते के फीते बांधने का बहाना करेगी. उसका बैठना ही संकेत माना जाना था.
बहुत तफ्सील से की गई थी हत्या की प्लानिंग
पुलिस का कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति भी थी. सिया कथित तौर पर इसलिए बैठने वाली थी ताकि धक्का देने के बाद गिरते समय केतन उसकी पकड़ तक न पहुंच सके. जांच अधिकारियों का दावा है कि इस पूरी योजना को दोनों ने पहले से विस्तार से तैयार किया था और मौके पर उसी के अनुसार अमल किया गया.
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले और बाद में सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपने मोबाइल फोन की चैट हिस्ट्री और यहां तक कि रीसायकल बिन तक साफ कर दिए थे.
पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं ताकि डिलीट किए गए संदेशों और अन्य डिजिटल सबूतों को रिकवर किया जा सके.
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