- मणिपुर में लगभग एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हट गया है और नई सरकार का गठन होने जा रहा है
- बीजेपी विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को बुधवार को विधायक दल का नेता चुना गया और मुख्यमंत्री पद की शपथ देंगे
- मणिपुर में हिंसा 3 मई 2023 को चुरचांदपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच झड़प के कारण भड़क गई थी
मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हट गया है. इसके बाद मणिपुर में युमनाम सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है. बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को ही नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. बीजेपी विधायक युमनाम खेमचंद सिंह शाम 6 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. युमनाम खेमचंद को बुधवार को ही बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था.
मणिपुर में 3 मई 2023 को तब हिंसा भड़क गई थी, जब चुरचांदपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों में झड़प हो गई थी. तब से ही मणिपुर में हिंसा जारी है. इसी हिंसा के बीच पिछले साल मणिपुर के तत्कालीन सीएम बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. अब लगभग एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हट गया है. राष्ट्रपति शासन हटने के बाद मणिपुर में जल्द ही नई सरकार का गठन होगा. बीजेपी के युमनाम खेमचंद सिंह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
शाम 6 बजे शपथ ग्रहण
इससे पहले युमनाम खेमचंद सिंह के साथ एनडीए के विधायक इंफाल पहुंचे और गवर्नर अजय कुमार भल्ला के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया. विधायकों की टीम एयरपोर्ट से सीधे लोकभवन गई. उनके साथ मणिपुर के बीजेपी चुनाव ऑब्जर्वर तरुण चुघ, बीजेपी नॉर्थ-ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा और प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी भी थे. नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 6 बजे इंफाल के लोकभवन में होगा.
पहली बार आए कुकी-जो विधायक
मणिपुर में जारी हिंसा के बाद यह पहली बार है कि दो कुकी-जो विधायक- एलएम खौटे और न्गुर्संगलुर सनाते इंफाल आए हैं. नई लीडरशिप टीम के स्वागत के लिए इंफाल में BJP प्रदेश कार्यालय में भी तैयारियां चल रही हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं