दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. उनकी जेल कोठरी से बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई अश्लील वीडियो मिलने का खुलासा हुआ है. वहीं एक पेन ड्राइव में फिल्में और वेब सीरीज भी पाई गई हैं. जांच एजेंसियों को इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है.
औचक तलाशी में मिला था प्रतिबंधित मोबाइल
पुलिस के अनुसार 11 अगस्त को परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में सुरक्षा जांच के तहत बैरकों की अचानक तलाशी ली गई थी. इस दौरान कई आपत्तिजनक और प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए थे. बाद में इन सभी वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. तलाशी के दौरान रेवन्ना की बैरक से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और एक नोटबुक जब्त की गई थी. इसी मामले में बाद में स्थानीय पुलिस थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई.
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी थी जांच
पिछले महीने एक वीडियो सामने आया था, जिसमें रेवन्ना जेल के भीतर सामान्य कपड़ों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते दिखाई दिए थे. इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल प्रशासन और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे. इसके बाद केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की टीम ने कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया और मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए.
मोबाइल में मिले दर्जनों अश्लील वीडियो
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, फॉरेंसिक रिपोर्ट में मोबाइल फोन से दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की पुष्टि हुई है. हालांकि पूछताछ के दौरान रेवन्ना ने दावा किया कि वह मोबाइल उनका नहीं था और अन्य कैदी भी उसका उपयोग करते थे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी तरह का अश्लील वीडियो डाउनलोड नहीं किया. इसके बावजूद जांच एजेंसियां मोबाइल के उपयोग और उसकी गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही हैं.
परिवार और परिचितों से संपर्क के संकेत
जांच में जब्त नोटबुक से परिवार के सदस्यों और परिचितों के फोन नंबर मिले हैं. कॉल रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि मोबाइल के जरिए परिवार के लोगों से संपर्क किया गया था. अधिकारियों का दावा है कि एक महिला मित्र को भी सीधे कॉल किए गए थे. पुलिस अब उन सभी लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है जिनसे इस मोबाइल के जरिए संपर्क किया गया था.
वार्डन और बिचौलियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुंचाने में कुछ लोगों ने मदद की थी. इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई है. आरोप है कि एक जेल वार्डन की मदद से मोबाइल अंदर पहुंचाया गया था, जबकि सिम कार्ड एक विचाराधीन कैदी के जरिए जेल तक पहुंचा. जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं.
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