विज्ञापन

चुनावी स्याही सूखते ही 'गर्म' होने लगता है तेल, जानिए इलेक्शन के बाद कब-कब बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

चुनाव खत्म होते ही भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ना एक पुराना ट्रेंड रहा है. 2004 से लेकर 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों का डेटा दिखाता है कि मतदान संपन्न होते ही जनता पर ईंधन की महंगाई का बोझ बढ़ जाता है.

चुनावी स्याही सूखते ही 'गर्म' होने लगता है तेल, जानिए इलेक्शन के बाद कब-कब बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
  • मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में हाल ही में इजाफा हुआ है
  • चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहती हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही दामों में बढ़ोतरी होती है
  • इतिहास में देखा गया है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, भारत भी इससे अछूता नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कम पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करने की अपील की है. दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ भी गए हैं. महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में सीएनजी की कीमतें भी बढ़ी हैं. खास बात यह है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध फरवरी में शुरू हुआ था. लेकिन भारत में इसका असर अब ज्यादा देखने को मिल रहा है. हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी पूरे हुए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रही थी.हालांकि भारत में चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की कहानी नहीं है. आंकड़ों के पन्ने पलटें तो यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक तयशुदा पैटर्न नजर आता है. दशकों से यह देखा गया है कि जब तक जनता कतारों में खड़ी होकर वोट डाल रही होती है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें 'कोमा' में रहती हैं. लेकिन जैसे ही चुनावी नतीजे आते हैं, तेल कंपनियां और सरकारें अपनी 'आर्थिक मजबूरियों' का हवाला देकर आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा देती हैं.

जब लोकसभा चुनाव के बढ़े तेल के दाम

इतिहास गवाह है कि केंद्र की सत्ता में चाहे कोई भी गठबंधन रहा हो, तेल के दाम बढ़ाने की 'परंपरा' को सबने बखूबी निभाया है.

  • 16 जून 2004: लोकसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 1 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी.
  • 2 जुलाई 2009: लोकसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4.01 रुपये और 2.01 रुपये की बढ़ोतरी हुई.
  • 16 मई 2014: लोकसभा चुनाव के बाद डीजल की कीमत में 1.22 रुपये का इजाफा हुआ.
    Latest and Breaking News on NDTV

जब राज्यों के चुनाव के बाद बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

सिर्फ दिल्ली की कुर्सी ही नहीं, राज्यों के विधानसभा चुनाव भी ईंधन के मीटर को प्रभावित करते हैं. 

  • मार्च 2012 में पांच राज्यों के चुनाव संपन्न हुए और इसके ठीक बाद 24 मई को पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई
  • मार्च 2022 में पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही 22 मार्च से 21 अप्रैल के बीच यानी महीनेभर में पेट्रोल 95.41 रुपये से सीधा 105.41 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. 

क्या सरकार क्या विपक्ष, सब एक ही राह पर

महंगाई के इस खेल में राजनीतिक विचारधाराएं अक्सर पीछे छूट जाती हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद का उदाहरण देखें तो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भी इसी राह पर चलना बेहतर समझा. 15 जून 2024 को कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल पर 3.92% और डीजल पर 4.1% सेल्स टैक्स बढ़ा दिया. इसकी वजह से ईंधन की कीमतें 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गईं.

इस बार भी यही कहानी

हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए हैं. चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद ही पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा किया गया है. दिल्ली में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. यह पिछले चार साल में पेट्रोल-डीजल के दाम में पहली वृद्धि है. मुंबई में पेट्रोल अब 106.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है. कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.13 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

यह भी पढ़ें: देश भर में पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, कितने बढ़े दाम? चेक करें अपने शहर के नए रेट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Petrol Diesel Price, Petrol Diesel Price Delhi, Petrol Diesel Price Hike, Petrol Diesel Price Hike After Elections, Petrol Diesel Price Hike After Lok Sabha Election Results 2019
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com