- पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश की सुरक्षा खतरे को हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से जोड़ा है
- अंसारी ने जवाहरलाल नेहरू के हवाले से कहा कि भारत को कम्युनिज्म से नहीं हिंदू राइट विंग से खतरा है
- उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने अंसारी के बयान को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के लिए डरावना बताया
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के ताजा बयान के बाद देशभर में राजनीति गरमा गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर तीखा पलटवार किया है. नई दिल्ली में आयोजित 'ए नूरानी मेमोरियल लेक्चर' में हामिद अंसारी ने देश की सुरक्षा और सांप्रदायिकता को लेकर ऐसा बयान दिया कि बवाल हो गया. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हवाले से कहा था कि भारत को असली खतरा कम्युनिज्म से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से है.
हिंदुओं के बारे में क्या बोल गए हामिद अंसारी?
हामिद अंसारी ने कहा, "नेहरूज ऑब्जर्वेशन दैट डेंजर टू इंडिया इट इज नॉट कम्युनिज्म इट इज हिंदू राइट विंग कम्युनलिज्म." इस बयान पर बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया. सीएम योगी ने बिना नाम लिए पूर्व राष्ट्रपति पर पलटवार किया. सीएम योगी ने कहा, "कुछ लोगों के विचार भारतीय और सनातन परंपरा के लिए बेहद डरावने हैं. हामिद अंसारी जो भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में 5 वर्ष कार्यकाल संपन्न किया उन्होंने कल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण वक्तव्य दिया, हम जैसे लोगों को शोभा नहीं देता कि उसका खंडन मंडन करें. लेकिन उनके वक्तव्य सचमुच डरावने हैं."

सीएम योगी का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे रहने के बावजूद कुछ लोग गरिमा भूल जाते हैं. ऐसे बयानों से जानबूझकर सनातन परंपरा को कोसने और भारत की छवि बदनाम करने की कोशिश की जाती है. ये भारत के लिए भारतीयता भारतीय संस्कृति परंपरा के लिए वक्तव्य दुनिया में भारत की छवि धूमिल करने के प्रयासों के एजेंडे का हिस्सा है, जो एंटी इंडिया फोर्स द्वारा निरंतर दुष्प्रचार किया जाता है. विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने भी इसे देश को बांटने वाला और बहुसंख्यक समाज का अपमान करने वाला एजेंडा बताया.
"हामिद अंसारी की मंशा को समझते हैं मुसलमान"
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' टिप्पणी पर ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने आपत्ति जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि हामिद अंसारी मुसलमानों के नाम की सियासत करना चाहते हैं. साथ ही, उन्होंने अंसारी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि देश का माहौल खराब करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है. इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा, "मैं मुसलमानों के बारे में हामिद अंसारी के बयान की कड़ी निंदा करता हूं. हामिद अंसारी अब मुसलमानों के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन जब वे बड़े-बड़े पदों पर बैठे थे, तब उन्हें मुसलमान याद नहीं आए. आज उन्हें मुसलमान याद आ रहे हैं." उन्होंने कहा, "आज जब मुसलमान उनके बारे में नहीं पूछ रहे हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें मुसलमानों के नाम पर राजनीति करनी चाहिए. लेकिन मुसलमान समझदार हैं. वे इस तरह के बयानों और उनकी मंशा को समझते हैं."
"अगर भारत में हिंदू बहुसंख्यक न होते, तो..."
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर भाजपा के नेताओं ने भी पलटवार किया है. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "अगर भारत में हिंदू बहुसंख्यक न होते, तो भारत न सेकुलर होता और न ही पंथनिरपेक्ष होता. भारत सेकुलर और पंथनिरपेक्ष देश इसलिए है, क्योंकि यहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, जिनकी मान्यताएं और संस्कृति सहनशीलता और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयः' की है." उन्होंने कहा, "जब बंटवारा हुआ, तो दो देश बने. एक भारत, जहां हिंदू बहुसंख्यक थे और दूसरा पाकिस्तान, जहां मुसलमान बहुसंख्यक थे. हिंदू बहुसंख्यक देश ने सेकुलरिज्म और पंथनिरपेक्ष का रास्ता चुना, जबकि मुस्लिम बहुसंख्यक देश ने इस्लामिक राष्ट्र का झंडा बुलंद किया. दोनों में बुनियादी फर्क है."
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