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'भारत के लिए असली खतरा हिंदू दक्षिणपंथी...', हामिद अंसारी के बयान पर बवाल, बीजेपी ने किया पलटवार

पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने जवाहरलाल नेहरू के उस कथित बयान का हवाला दिया, जिसमें हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए बड़ा खतरा बताया गया था.

'भारत के लिए असली खतरा हिंदू दक्षिणपंथी...', हामिद अंसारी के बयान पर बवाल, बीजेपी ने किया पलटवार
हामिद अंसारी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है.
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पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने शनिवार को संविधान विशेषज्ञ, वरिष्ठ वकील और लेखक एजी नूरानी की याद में आयोजित कार्यक्रम में ऐसा बयान दिया है जिसके बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया है. अंसारी ने नूरानी की किताब 'The RSS: A Menace to India' का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस कथित बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है.

अंसारी के इस बयान के बाद अब बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

दरअसल, नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित 'Remembering a Polymath: The Life and Times of Abdul Ghafoor Noorani' कार्यक्रम में बोलते हुए हामिद अंसारी ने एजी नूरानी के विचारों और लेखन को याद किया. उन्होंने कहा कि नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब 'The RSS: A Menace to India' की प्रस्तावना में ऐसे विचार दर्ज हैं, जो उनके मुताबिक आज भारत के कई मुसलमानों की भावना को दिखाते हैं.

अंसारी ने कहा कि इसी प्रस्तावना में नूरानी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उन टिप्पणियों का जिक्र किया था, जिन्हें पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के संदर्भ में दर्ज किया था. 

अंसारी के अनुसार, नेहरू ने उस बैठक में कहा था कि भारत के लिए वास्तविक खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है.

हामिद अंसारी ने और क्या कहा?

हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद, पहचान और भारत की राजनीतिक दिशा से जुड़े मुद्दों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान और प्रथाएं सामने आई हैं, जो नागरिक राष्ट्रवाद (सिविक नेशनलिज्म) के स्थापित सिद्धांत को चुनौती देती हैं और उसकी जगह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को आगे बढ़ाती हैं.

अंसारी ने कहा कि यह सोच चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करती है और राजनीतिक सत्ता पर एकाधिकार स्थापित करना चाहती है. उनके मुताबिक, इस तरह की प्रवृत्तियां नागरिकों के बीच धर्म के आधार पर भेद पैदा करती हैं, असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं और समाज में असुरक्षा तथा बेचैनी का माहौल बनाती हैं.

पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन प्रवृत्तियों के कुछ हालिया उदाहरण चिंताजनक हैं और वे कानून के शासन (रूल ऑफ लॉ) के दावे को कमजोर करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए और इन रुझानों का कानूनी तथा राजनीतिक दोनों स्तरों पर मुकाबला किया जाना चाहिए.

बीजेपी का पलटवार

हामिद अंसारी के इस बयान के बाद बीजेपी ने पलटवार किया. बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस की कथित 'हिंदू विरोधी राजनीति' को बेपर्दा करती है. बीजेपी ने राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस की राजनीतिक सोच और उसके नैरेटिव का हिस्सा रही हैं.

एजी नूरानी देश के जाने-माने विधि विशेषज्ञ, लेखक और संवैधानिक मामलों के जानकार माने जाते थे. कार्यक्रम का आयोजन उनके जीवन, विचारों और बौद्धिक योगदान को याद करने के लिए किया गया था. हालांकि कार्यक्रम का केंद्र नूरानी के व्यक्तित्व और लेखन पर चर्चा था, लेकिन हामिद अंसारी की टिप्पणियां राजनीतिक बहस का विषय बन गईं और उन पर बीजेपी की प्रतिक्रिया ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है.

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