विज्ञापन
This Article is From Dec 09, 2025

मेहुल चोकसी को बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, भारत प्रत्यर्पण का रास्ता लगभग साफ

65 साल भगोड़ा हीरा कारोबारी अप्रैल में अपनी गिरफ्तारी के बाद से एंटवर्प की जेल में बंद है. भारत में उसके भांजे नीरव मोदी पर भी PNB घोटाले से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप हैं. वह भी लंदन की जेल में प्रत्यर्पण कार्यवाही का सामना कर रहा है.​

मेहुल चोकसी को बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, भारत प्रत्यर्पण का रास्ता लगभग साफ
मेहुल चोकसी को बड़ा झटका.
  • बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट ने मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है.
  • चोकसी की अपील खारिज होने से उसके भारत प्रत्यर्पण की राह में महत्वपूर्ण बाधा दूर हुई है.
  • मेहुल चोकसी अप्रैल से एंटवर्प जेल में बंद है और उस पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में बड़ा झटका लगा है. बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट (कोर्ट ऑफ कैसेशन) ने मंगलवार को उसके प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट के इस फैसले से चोकसी को भारत लाने की राह में एक अहम बाधा दूर हो गई है. हालांकि अभी भी चौकसी के पास कई कानूनी अधिकार हैं.

ये भी पढ़ें- इंटरपोल नोटिस, बुलडोजर एक्शन, पासपोर्ट कैंसिलेशन... लूथरा ब्रदर्स पर कसा शिकंजा, जानें आज क्या कुछ हुआ

मेहुल चोकसी की अपील खारिज

​करीब 13,000 करोड़ के PNB घोटाले में आरोपी मेहुल चोकसी की अपील को खारिज करते हुए बेल्जियम सुप्रीम कोर्ट ने एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील्स के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उसके प्रत्यर्पण की अनुमति दी गई थी. एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील्स ने पिछले महीने केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर चोकसी के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि चोकसी भारत में राजनीतिक मुकदमे का विषय नहीं है और उसे वहां यातना या न्याय से वंचित किए जाने का कोई खतरा नहीं है.

भारतीय अधिकारियों के इशारे पर अपहरण का आरोप

​ चोकसी ने एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील्स के सामने दलील दी थी कि 2021 में एंटीगा और बारबुडा में भारतीय अधिकारियों के इशारे पर उसका अपहरण किया गया था. इस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था. बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में अपील केवल कानूनी पहलुओं पर ही विचार करती है, नए तथ्य या सबूत पेश नहीं किए जा सकते.

एंटवर्प की जेल में बंद है मेहुल चोकसी

​कोर्ट ने CBI के अनुरोध पर जारी किए गए दो गिरफ्तारी वारंटों (मई 2018 और जून 2021) को प्रत्यर्पित योग्य माना. ये वारंट आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक कदाचार जैसे आरोपों से संबंधित हैं. 65 साल भगोड़ा हीरा कारोबारी अप्रैल में अपनी गिरफ्तारी के बाद से एंटवर्प की जेल में बंद है. भारत में उसके भांजे नीरव मोदी पर भी PNB घोटाले से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप हैं. वह भी लंदन की जेल में प्रत्यर्पण कार्यवाही का सामना कर रहा है.​बेल्जियम सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत सरकार के लिए एक बड़ी जीत है, जो आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है.

लेखक के बारे में
img
मुकेश सिंह सेंगर
Associate Editor - Crime & Investigation
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NIrab Modi, PNB Scam Mehul Choksi, Belgium Supreme Court, Extradition To India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com