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This Article is From Jun 25, 2017

पीएम नरेंद्र मोदी ने वाजपेयी की कविता पढ़कर इमरजेंसी के दिनों को याद किया, पढ़ें 'मन की बात' की 5 अहम बातें

पीएम ने कहा, 'श्री प्रकाश त्रिपाठी ने 25 जून, 1975 को वह काली रात बताया है, जिसे कोई भी लोकतंत्र प्रेमी कभी नहीं भूल सकता है. यह हर भारतीय के जेहन में है. उस दौरान पूरे देश को जेलखाने में बदल दिया गया था. इसका विरोध करने वालों को जेल में डाल दिया गया था,आइए जानें पीएम मोदी ने इमरजेंसी के अलावा मन की बात कार्यक्रम में किन मुख्य बातों का जिक्र किया.

पीएम नरेंद्र मोदी ने वाजपेयी की कविता पढ़कर इमरजेंसी के दिनों को याद किया, पढ़ें 'मन की बात' की 5 अहम बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 33वीं बार देशवासियों के साथ 'मन की बात' की. फाइल तस्वीर
  • पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के 42 साल पूरे होने का जिक्र किया
  • पीएम मोदी ने ईद और जगन्नाथ यात्रा की शुभकामना दी
  • पीएम मोदी ने खुले में शौच मुक्त होने वाले राज्यों को दी बधाई
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 33वीं 'मन की बात' (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में इमरजेंसी (Emergency) के दिनों को याद करने के अलावा जीएसटी, ईद, स्वच्छता अभियान, जगन्नाथ यात्रा, योग दिवस सहित कई मुद्दों पर बात की. कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, 'जीवन में कितनी ही आपाधापी हो, तनाव हो, व्यक्तिगत जीवन हो, सार्वजनिक जीवन हो, बारिश आते ही मन बदल जाता है.' इसके बाद पीएम मोदी ने आपातकाल के 42 साल पूरे होने का जिक्र किया. पीएम ने कहा, 'श्री प्रकाश त्रिपाठी ने 25 जून, 1975 को वह काली रात बताया है, जिसे कोई भी लोकतंत्र प्रेमी कभी नहीं भूल सकता है. यह हर भारतीय के जेहन में है. उस दौरान पूरे देश को जेलखाने में बदल दिया गया था. इसका विरोध करने वालों को जेल में डाल दिया गया था, जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई गणमान्य नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था. अखबारों को पूरी तरह बेकार कर दिया गया था. आइए जानें पीएम मोदी ने इमरजेंसी के अलावा मन की बात कार्यक्रम में किन मुख्य बातों का जिक्र किया.

जगन्नाथ यात्रा और ईद की दी शुभकामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत देशवासियों को ईद और जगन्नाथ यात्रा की शुभकामना के साथ की. पीएम ने कहा, रमजान का पवित्र महीना इबादत के साथ मनाया गया. मेरी तरफ से सबको ईद की बहुत शुभकामनाएं. यह पुण्य दान का और खुशियों को बांटने का महीना है. खुशियां जितनी बांटी जाती हैं. उतनी बढ़ती हैं. हम खुशियों को बांटते चलें देश को आगे बढ़ाते रहें. 

पीएम मोदी ने कहा, 'बिजनौर की एक घटना सामने आई. वहां ज्यादा आबादी मुस्लिम परिवारों की है. इस गांव में गांव वालों ने मिलकर शौचालय बनाने का निर्णय लिया. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि गांव के लोगों ने रमजान के इस महीने में 17 लाख रुपए सरकार को लौटा दिए.' उल्लेखनीय है कि देश में सोमवार को ईद मनाई जाएगी.

पीएम मोदी ने जगन्नाथ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश का गरीब जुड़ा हुआ है. जगन्नाथ शब्द के साथ ही अंग्रेजी के शब्द 'जगरनौट' का उद्भव हुआ जिसका अर्थ सुंदर रथ का कभी न रुकना है. इसका उद्भव भगवान जगन्नाथ के रथ से ही हुआ है."

बुके नहीं बुक देने की आदत डालें

कार्यक्रम में डॉक्टर अनिल सोनारा का फोन कॉल सुनाया गया, जिसमें वे कह रहे थे- प्रधानमंत्री जी, आपने केरल में आपने कहा था कि हमें बुके के बजाय अच्छी किताबें (बुक) देकर हमें लोगों का स्वागत करना चाहिए.' इसपर पीएम मोदी ने कहा, 'जब मैं गुजरात में था तो सरकार में एक परंपरा शुरू की थी कि हम बुके नहीं देंगे, हम बुक देंगे या खादी का रूमाल देंगे. दिल्ली आने के बाद मेरी आदत छूट गई थी, लेकिन केरल जाने के बाद ये बातें फिर से याद आ गई, मैं लोगों से इसे अपनाने की अपील करता हूं.' उन्होंने कहा, 'मैं पिछले साल जब यूके गया था तो लंदन में क्वीन एलिजाबेध ने मुझे भोजन पर बुलाया था. उन्होंने बाद में मुझे खादी से बना हैंडकरचीफ दिखाया. उन्होंने बताया कि वह उन्हें शादी के समय गांधीजी ने भेजा था."

खुले में शौच मुक्त होने वाले राज्यों को बधाई

पीएम मोदी ने खुले में शौच मुक्त होने वाले राज्यों को बधाई दी. कहा- 'हम जानते हैं कि देश में सिक्किम हिमाचल और केरल खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं.' इस उदाहरण के जरिए पीएम मोदी ने देश के दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों से भी खुले में शौच खत्म करने की अपील की. पीएम ने कहा, 'हम भली भांति जानते हैं कि व्यक्ति के जीवन में समाज में अच्छा करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. हैंडराइटिंग भी ठीक करनी हो तो लंबा अभ्यास करना होता है. खुले में शौच भी ऐसी ही आदत है, जो धीरे-धीरे जाएगी. पीएम ने कहा कि स्वच्छता सरकार का कार्यक्रम नहीं है यह जनअभियान बनता जा रहा है. पिछले दिनों एक बहुत ही उत्तम घटना सामने आई. यह घटना है आंध्र प्रदेश के विजयनगरम की. "वहां के प्रशासन ने जनभागीदारी से बड़ा काम हाथ में लिया. 10 से 14 मार्च तक 100 घंटे में 71 ग्राम पंचायतों में घरेलू शौचालय ने. जनता जनार्दन और प्रशासन ने यह काम सफलतापूर्वक कर दिया."

पहली बार बारिश में योग का अनुभव मिला

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में विश्व योग दिवस का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, "21 जून 2017 पूरा विश्व योगमय हो गया. पानी से पर्वत तक लोगों ने इसका स्वागत योग से किया. चीन की दीवार और पेरू में 2400 मीटर माचू पिच्चू पर योग किया. अबुधाबी में 4000 से ज्यादा लेागों ने सलमा बांध पर येाग करके भारत की दोस्ती को नया आयाम दिया. यूएन ने 10 स्टाम्प्स निकाले. गुजरात में करीब 55 हजार लोगों ने एकसाथ योग करके विश्व रिकॉर्ड बनाया. मुझे लखनऊ में पहली बार बारिश में योग करने का सौभाग्य मिला. हमारे जवानों ने -25 डिग्री तापमान पर लेह में योग किया. तीन पीढ़ियों के योग करने के फोटो अपलोड करने को कहा था. नरेंद्र मोदी एप पर इन्हें रखा गया है."

वाजपेयी की कविता से इमरजेंसी को किया याद

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इमरजेंसी के दिनों को दर्शाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal bihari vajpayee) की कविता को पढ़ा. कविता कुछ इस प्रकार है-:

झुलासाता जेठ मास,
शरद चांदनी उदास.
सिसकी भरते सावन का.
अंतर्घट रीत गया.
एक बरस बीत गया.

सींखचों में सिमटा जग,
किंतु विकल प्राण विहग.
धरती से अम्बर तक,
गूंज मुक्ति गीत गया.
एक बरस बीत गया.

पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.
 
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