उज्बेकिस्तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रची कविताएं बेहद लोकप्रिय हैं. उनकी यात्रा के दौरान छात्रों ने उनकी उपस्थिति में इनका गायन किया. कुकसारॉय पैलेस में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज के दौरान, पीएम मोदी की कविता 'अभी तो सूरज उगा है' पर आधारित एक विशेष संगीतमय प्रस्तुति दी गई.
ताशकंद राज्य प्राच्य अध्ययन विश्वविद्यालय में छात्रों और शैक्षणिक समुदाय के साथ पीएम मोदी की बातचीत के दौरान एक विशेष सांस्कृतिक क्षण देखने को मिला. यहां उज़्बेक छात्रों ने एक साथ आकर प्रधानमंत्री के सामने उनकी खुद की लिखी लोकप्रिय कविताओं का गायन और पाठ किया.
Friendship Finds A Poetic Expression!
— MyGovIndia (@mygovindia) August 31, 2026
A poem penned by PM @narendramodi comes alive through the voices of young students in Uzbekistan, creating a beautiful cultural moment that reflects the warmth and enduring friendship between India and Uzbekistan.#PMModiInUzbekistan pic.twitter.com/S2P5u2cyS1
छात्रों ने तीन कविताएं प्रस्तुत कीं, जिनमें से प्रत्येक का पाठ हिंदी और उज्बेक दोनों भाषाओं में किया गया. 'अभी तो सूरज उगा है' कविता का हिंदी में पाठ ताशकंद राज्य प्राच्य अध्ययन विश्वविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के छात्र केल्दियोरोव दिल्हुशबेक ने किया.
इसके उज़्बेक अनुवाद का पाठ तृतीय वर्ष की छात्रा दिल्शोदा जुराबोएवा ने किया. दूसरी कविता 'नए भारत के नए संकल्प' ने एक आत्मविश्वासी और आकांक्षी नए भारत की भावना को दर्शाया. इसका हिंदी में पाठ चतुर्थ वर्ष के छात्र ओताबेक अमिरोव ने किया. इसके उज़्बेक अनुवाद का पाठ विश्वविद्यालय के तृतीय वर्ष के छात्र इक्रोमखुजा सादुल्लाएव ने किया.
छात्रों ने मानवता, करुणा और शांति पर केंद्रित कविता 'मानवता को कहीं न लग जाए दाग' का भी पाठ किया. इसका हिंदी में पाठ तृतीय वर्ष की छात्रा ओरजू कुलदोशेवा ने किया जबकि, इसके उज़्बेक अनुवाद का पाठ विश्वविद्यालय की तृतीय वर्ष की छात्रा फयोज़ा अब्दुरासुलोवा ने किया. पीएम मोदी द्वारा लिखी गई कविताओं के पाठ को दर्शकों से बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली. यह इस संवाद कार्यक्रम के सबसे स्मरणीय क्षणों में से एक बन गया.
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