हिंदी सिनेमा में 61 साल पहले एक फिल्म आई थी जो मशहूर लेखक आर.के. नारायण की किताब द गाइड पर आधारित थी. ये किताब 1958 में प्रकाशित हुई थी. जितनी पॉपुलर ये किताब हुई, उतनी लोकप्रियता इसके नाम से बनी फिल्म ने भी हासिल की. ये ऐसी फिल्म थी जिसमें 10 गाने थे, और खास यह कि इसमें राम और अल्लाह दोनों पर ही ऐसे गाने थे जो समय से परे हैं. इस फिल्म में देव आनंद और वहीदा रहमान लीड रोल में थे. अब एक और खास बात यह कि ये फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी की भी फेवरिट है. उन्होंने यह फिल्म 15 साल की उम्र में देखी थी. बाद में उन्होंने कई मौकों पर इसका जिक्र किया.
गाइड की कहानी और राम-अल्लाह पर गाने
‘गाइड' 1965 में रिलीज हुई थी. इसका निर्देशन विजय आनंद ने किया था. कहानी आरके नारायण के उपन्यास ‘द गाइड' पर आधारित है. फिल्म में देव आनंद राजू नाम के एक टूरिस्ट गाइड का किरदार निभाते हैं. वहीदा रहमान रोजी के रूप में नजर आती हैं. कहानी व्यक्तिगत आजादी, रिश्तों, महत्वाकांक्षा, समाज के नजरिए और आध्यात्मिकता जैसे कई मुद्दों को छूती है.
‘गाइड' में कुल 10 गाने थे, जिसमें से एक गाना 'हे राम, हमारे रामचंद्र' था, जिसे मन्ना डे ने गाया था. 'हे राम, हमारे रामचंद्र' पूरा भक्ति का भाव देता है. वहीं फिल्म का आखिरी गाना 'अल्लाह मेघ दे पानी दे' है. यह गाना बारिश की कामना का दर्शाता है. ‘गाइड' का न सिर्फ कहानी बल्कि गाने भी सुपरहिट थे.
फिल्म से मिला संदेश
प्रधानमंत्री ने इस फिल्म के मूल संदेश को सबसे ज्यादा याद किया. उनके अनुसार, फिल्म का बुनियादी विचार यह है कि हर व्यक्ति को सही रास्ता अपने अंतर्मन से ही मिलता है. उस उम्र में जब उन्होंने दोस्तों से इस विचार पर चर्चा की, तो दोस्तों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. फिल्म का असर सिर्फ दार्शनिक विचारों तक सीमित नहीं रहा. गांवों में सूखे और पानी की कमी वाले सीन ने भी उन पर गहरा प्रभाव डाला. ये सीन ग्रामीण भारत की वास्तविक समस्याओं को दिखाते थे.
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