- जवाहर लाल नेहरू 14 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार 12 साल 14 दिन प्रधानमंत्री रहे थे
- नरेंद्र मोदी 9 जून 2026 को लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे
- पंडित नेहरू 15 अगस्त 1947 को मनोनीत प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन 1952 में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए थे
बुधवार यानि 13 मई को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा - '13 मई 1952 - भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन. इसी दिन स्वतंत्र भारत की प्रथम निर्वाचित लोक सभा की पहली बैठक हुई थी. हमारी संसदीय प्रक्रिया की व्यवस्थित शुरुआत के साथ ही यह दिन संविधान, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित नए भारत की मजबूत नींव का प्रतीक है.'
दरअसल 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 तक स्वतंत्र भारत के इतिहास का पहला आम चुनाव आयोजित हुआ. इस चुनाव के बाद 17 फरवरी 1952 को पहली लोकसभा का विधिवत गठन किया गया जिसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई. संविधान में दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बैठक बुलाई. इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर कहा जाता है.ओम बिरला के इस पोस्ट ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास के एक और मील के पत्थर पर चर्चा शुरू कर दी है. वो है स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्रियों और उनके कार्यकाल के बारे में.
नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पीएम मोदी
भारत में लोकतांत्रिक चुनाव के ज़रिए सबसे ज़्यादा दिन तक लगातार प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड फ़िलहाल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नाम है. 1951-52 में हुए पहले संसदीय चुनाव में कांग्रेस पार्टी को प्रचंड जीत हासिल हुई थी. उस समय लोकसभा में 489 सीटें थी, जिनमें से कांग्रेस को 364 सीटों पर जीत मिली थी. इस जीत के बाद जवाहर लाल नेहरू को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया और उसके बाद 14 मई 1952 को नेहरू ने स्वतंत्र भारत की पहली निर्वाचित सरकार के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लिया और सत्ता पर आसीन हुए. तबसे लेकर 27 मई 1964 को अपनी मृत्यु तक नेहरू लगातार भारत के प्रधानमंत्री बने रहे. इस लिहाज़ से देखें तो वे 12 साल 14 दिनों तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे.
9 जून 2026 को पीएम मोदी के नाम पर होगा ये रिकॉर्ड
वहीं अगर नरेंद्र मोदी की बात करें तो 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. उसके बाद 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव में भी उनके नेतृत्व में एनडीए को जीत हासिल हुई और वे प्रधानमंत्री बने. इस लिहाज़ से 9 जून 2026 को वे निर्वाचित प्रधानमंत्री के पद पर 12 साल 15 दिन पूरा कर लेंगे. ऐसा करते ही वे सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहने का जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे.
1952 तक मनोनीत पीएम थे नेहरू
वैसे पंडित जवाहर लाल नेहरू पहली बार 15 अगस्त 1947 को पहली बार स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री बने. हालांकि तब वे किसी लोकतांत्रिक चुनाव के ज़रिए नहीं चुने गए थे बल्कि उन्हें कांग्रेस ने मनोनीत किया था. उनके पहली बार प्रधानमंत्री बनने में महात्मा गांधी की बड़ी अहम भूमिका मानी जाती है. तबसे लेकर 14 मई 1952 को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्रधानमंत्री बनने तक नेहरू ने देश के प्रधानमंत्री का जिम्मा संभाले रखा था. उस लिहाज़ से देखें तो क़रीब 17 सालों तक वे देश के प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित करते रहे.
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