- लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल को दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण पास नहीं किया जा सका
- विपक्ष ने एकजुट होकर बिल का विरोध किया जिससे महिलाओं को आरक्षण देने वाला बिल अटका रह गया
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया. इसे पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी लेकिन विपक्ष ने एकजुट होकर इसके खिलाफ वोट डाला. इस कारण बिल अटक गया और 2029 से ही महिलाओं को आरक्षण देने वाला बिल अटक गया. अब शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में इसे लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष को इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा.
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके विपक्ष ने गलती की है. अब उनको भुगतना पड़ेगा.
पीएम मोदी ने इस बात को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने देश की महिलाओं को हराया है. विपक्ष को महिलाओं को जवाब देना पड़ेगा. इसको जन-जन तक गांव-गांव तक ले जाना है.
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किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला
बिल पास न हो पाने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम सभी इस बात से दुखी हैं कि कांग्रेस और विपक्ष ने दो तिहाई बहुमत से संविधान में संशोधन की अनुमति नहीं दी. यह हमारी सरकार या पार्टी के लिए नुकसानदायक नहीं है. हम दुखी हैं कि इससे नुकसान देश की महिलाओं का हुआ है.
उन्होंने कहा कि हम सभी दुखी हैं कि महिला आरक्षण बिल में संशोधन नहीं हो सका और बिल गिर गया. यह सरकार की नाकामी नहीं है, बल्कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों का देश पर किया गया एक बड़ा हमला है. यह कांग्रेस के माथे पर एक काला धब्बा है. यह शर्मनाक है कि वे इसका जश्न मना रहे हैं.
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संसद में पास नहीं हो पाया बिल
2029 से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने के मकसद से सरकार तीन बिल लेकर आई थी. इसमें एक बिल 131वां संविधान संशोधन का था.
इन तीनों बिलों पर 21 घंटे की चर्चा के बाद शाम को 131वें संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग हुई. कुल 528 वोट पड़े. बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. लेकिन इस बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 सांसदों का दो तिहाई 352 होता है.
इस बिल के गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाकी दो बिलों को आगे बढ़ाने से मना कर दिया. नतीजा ये हुआ कि 2029 से अब महिलाओं को 33% आरक्षण नहीं मिल पाएगा.
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