- पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को विशेष पत्र लिख हार्दिक शुभकामनाएं दीं
- उन्होंने अमरनाथ यात्रा को धार्मिकता के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का प्रतीक बताया
- पीएम मोदी ने यात्रा के सफल संचालन में लगे प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय नागरिकों की सराहना की
अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र जारी कर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं. पत्र में उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है. देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं.
अमरनाथ श्रद्धालुओं को पीएम मोदी का पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पत्र साझा कर लिखा, "प्रिय श्रद्धालु, हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी ! जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है. देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं."
बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र… pic.twitter.com/6Bc2Y9tXJC
— Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2026
अमरनाथ यात्रा में शामिल होना शिवभक्तों के लिए सौभाग्य
उन्होंने आगे लिखा कि जम्मू-कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ धाम की यात्रा में शामिल होना हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय है और बाबा बर्फानी के दर्शन लाखों श्रद्धालुओं के जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होते हैं. अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण है. देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े श्रद्धालु एक ही आस्था के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की. साथ ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और सेवा में जुटे सभी स्वयंसेवकों का विशेष रूप से अभिनंदन किया.
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की आतिथ्य परंपरा की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आए श्रद्धालु भंडारों और लंगरों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश करते हैं. यह भावना भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श को साकार करती है.

PTI फोटो.
अमरनाथ श्रद्धालु लें ये पांच महत्वपूर्ण संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह भी किया. उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करने तथा बारिश और ठंड से सावधानी बरतने की अपील की. इसके अलावा ‘वोकल फॉर लोकल' के तहत यात्रा के खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करने का आग्रह किया, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को मजबूती मिले.
उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत भाई या बहन को एक पौधा भेंट करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की भी अपील की. साथ ही ‘राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया.
यात्रा सुरक्षित और मंगलमय होने की प्रार्थना
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना का भव्य उत्सव बनेगी. उन्होंने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करने तथा सभी की यात्रा सुरक्षित और मंगलमय होने की प्रार्थना की.
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इनपुट- IANS के साथ
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