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This Article is From Nov 08, 2019

Ayodhya Case Final Verdict: अयोध्या मामले पर फैसले से पहले पीएम मोदी ने जनता से की यह अपील

राजनीतिक रूप से अति संवेदनशील मामले पर फैसले से पहले पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ऐतिहासिक अयोध्या विवाद पर शनिवार को अपना फैसला सुनाएगा. कोर्ट की वेबसाइट पर एक नोटिस के माध्यम से शुक्रवार की शाम दी गई जानकारी के अनुसार CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच शनिवार को सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगी. 5 जजों की बेंच ने 16 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी. राजनीतिक रूप से अति संवेदनशील मामले पर फैसले से पहले पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया. पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए एक के बाद एक तीन ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. पीएम मोदी ने लिखा कि अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है. पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं.

पीएम मोदी ने लिखा कि देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं. कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है.

एक और ट्वीट करके उन्होंने जनता से शांति की अपील करते हुए लिखा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा. देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में सीजेआई रंजन गोगाई के अलावा न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शुक्रवार को यूपी के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह को अपने केबिन में बुलाकर उनसे राज्य में सुरक्षा बंदोबस्तों और कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की थी. CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने, अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान- के बीच बराबर बराबर बांटने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर छह अगस्त से रोजाना 40 दिन तक सुनवाई की थी.

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