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This Article is From Dec 01, 2025

यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए...संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत पर पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, इस सत्र के शुरुआत होने से पहले पीएम मोदी ने मीडियो को संबोधत करते हुए कहा कि हमें युवा सांसदों की नई पीढ़ी को मौके देने चाहिए. सदन को उनके अनुभवों से फ़ायदा होना चाहिए, और इस सदन के ज़रिए देश को भी उनके नए नज़रिए से फ़ायदा होना चाहिए. हमें ज़िम्मेदारी की भावना से काम करने की ज़रूरत है. संसद ड्रामा करने की जगह नहीं है, यह काम करने की जगह है.

यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए...संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत पर पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें
  • भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को संबोधित किया है
  • प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष से आग्रह किया कि शीतकालीन सत्र में पराजय की बौखलाहट या विजय का अहंकार न बने
  • पीएम मोदी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव ने लोकतंत्र की ताकत और जनता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया है
  1. संसद के शीतकालानी सत्र की शुरुआत: भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, इससे पहले पीएम मोदी ने देश की मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है और यह बात बार-बार साबित हुई है, बिहार में हुए विधानसभा चुनाव ने भी यह दिखाया है.
  2. पीएम मोदी की विपक्षियों से अपील: पीएम मोदी ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में मेरा सभी दलों से आग्रह है कि शीतकालीन सत्र में पराजय की बौखलाहट को मैदान नहीं बनना चाहिए और ये शीतकालीन सत्र विजय के अहंकार में भी परिवर्तित नहीं होना चाहिए.
  3. शीतकालीन सत्र महज परंपरा नहीं: पीएम मोदी ने कहा कि संसद का ये शीतकालीन सत्र सिर्फ कोई परपंरा नहीं है. ये राष्ट्र को प्रगति की ओर तेज गति से ले जाने के प्रयास चल रहे हैं, उसमें ऊर्जा भरने का काम ये शीतकालीन सत्र भी करेगा.ऐसा मुझे विश्वास है.
  4. बिहार का चुनाव लोकतंत्र की ताकत: पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में जो चुनाव हुआ, उसमें मतदान का जो विक्रम हुआ, वो लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. माताओं-बहनों की जो भागीदारी बढ़ रही है, ये अपने आप में एक नई आशा, नया विश्वास पैदा करती है.
  5. चर्चा में मजबूत मुद्दे उठाए जाए: मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र, संसद देश के लिए क्या सोच रही है, संसद देश के लिए क्या करना चाहती है, संसद देश के लिए क्या करने वाली है, इन मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए. विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए, चर्चा में मजबूत मुद्दे उठाए. पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आएं.
  6. पराजय ने उनको परेशान करके रखा: पीएम मोदी ने साथ ही कहा कि दुर्भाग्य ये है कि 1-2 दल तो ऐसे हैं कि वो पराजय भी नहीं पचा पाते. मैं सोच रहा था कि बिहार के नतीजों को इतना समय हो गया, तो अब थोड़ा संभल गए होंगे. लेकिन, कल जो मैं उनकी बयानबाजी सुन रहा था, उससे लगता है कि पराजय ने उनको परेशान करके रखा है.
  7. युवा सांसदों की नई पीढ़ी को मौके: पीएम मोदी ने कहा कि हमें युवा सांसदों की नई पीढ़ी को मौके देने चाहिए. सदन को उनके अनुभवों से फ़ायदा होना चाहिए, और इस सदन के ज़रिए देश को भी उनके नए नज़रिए से फ़ायदा होना चाहिए.
  8. संसद ड्रामा करने की जगह नहीं: पीएम मोदी ने कहा कि हमें ज़िम्मेदारी की भावना से काम करने की ज़रूरत है. संसद ड्रामा करने की जगह नहीं है, यह काम करने की जगह है.
  9. भारत की आर्थिक स्थिति नई ऊंचाइयों: पीएम मोदी ने कहा कि जिस गति से आज भारत की आर्थिक स्थिति नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही है. विकसित भारत के लक्ष्य के और जाने में ये हममें नया विश्वास तो जगाती ही है, नई ताकत भी देती है.
  10. Democracy can deliver : पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ लोकतंत्र की मजबूती और इस लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अर्थतंत्र की मजबूती को भी दुनिया बहुत बारीकी से देख रही है. भारत ने सिद्ध कर दिया है कि Democracy can deliver.

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