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मेड इन इंडिया AI में क्या होना चाहिए, पीएम ने बनाने वालों को बताया और दिया एक चैलेंज

इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में नवाचार और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन दोनों के लिए अपार क्षमता है.

मेड इन इंडिया AI में क्या होना चाहिए, पीएम ने बनाने वालों को बताया और दिया एक चैलेंज
भविष्य के एआई को लेकर पीएम मोदी ने दिए सुझाव
  • पीएम मोदी ने अपने आवास पर भारतीय एआई स्टार्टअप्स के प्रमुखों से मुलाकात कर उनके सुझाव और काम को सुना
  • इस बैठक में बारह स्टार्टअप्स ने भाग लिया जो विविध क्षेत्रों में भाषा मॉडल और जेनरेटिव एआई पर कार्यरत हैं
  • पीएम मोदी ने भारत में एआई के विकास के लिए सरकार की सहायता और भारत के अनूठे एआई मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया
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नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर भारतीय AI स्टार्टअप्स के प्रमुखों से मुलाकात की. इस खास मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने उन्हें AI के क्षेत्र में आगे और क्या कुछ होना चाहिए, इसे लेकर सुझाव दिया. इस मौके पर पीएम मोदी ने सरकार की तरफ से ऐसे स्टार्टअप्स को मिलने वाली सहायता का भी भरोसा दिया है. अगले महीने भारत में होने जा रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 को देखते हुए पीएम मोदी के साथ AI स्टार्टअप्स की ये बैठक बेहद खास बताई जा रही है. इस दौरान सभी स्टार्टअप ने अपने विचार और काम को पीएम मोदी से साझा किया. 

पीएम मोदी के साथ हुई इस बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गण, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सोकेट एआई, टेक महिंद्रा और ज़ेंटेइक सहित भारतीय एआई स्टार्ट-अप के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधियों ने भाग लिया. बैठक के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद भी मौजूद थे.

इस खास मुलाकात के बाद PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) की तरफ से एक बयान भी जारी किया है. इस बयान में कहा गया है कि पीएम आवास पर हुए इस खास मुलाकात में 12 भारतीय स्टार्टअप्स ने भाग लिया है. इस बयान में कहा गया है कि ये बैठक अगले महीने होने वाले शिखर सम्मेलन में एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज से पहले हुई है. ये सभी 12 स्टार्टअप्स उस सम्मेलन में भी हिस्सा लेने वाले हैं. इस बयान में कहा गया है कि ये स्टार्ट-अप भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, बहुभाषी एलएलएम, भाषण-से-पाठ, पाठ-से-ऑडियो और पाठ-से-वीडियो सहित विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं; ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और वैयक्तिकृत सामग्री निर्माण के लिए जेनरेटिव एआई का उपयोग करके 3डी सामग्री; उद्योगों में डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए इंजीनियरिंग सिमुलेशन, सामग्री अनुसंधान और उन्नत विश्लेषण; स्वास्थ्य देखभाल निदान और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में खास तौर पर काम करते हैं. इस बैठक के दौरान सभी एआई स्टार्टअप्स ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की.

आप भारत के भविष्य के निर्माता हैं - पीएम मोदी

इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और कहा कि देश में नवाचार और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन दोनों के लिए अपार क्षमता है. उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक अनोखा एआई मॉडल पेश करना चाहिए जो "मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" की भावना को दर्शाता है. 

पीएम मोदी ने दिए खास सुझाव

पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि दुनिया का भारत पर भरोसा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है.उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि भारतीय एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित हों.उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को भारत से वैश्विक नेतृत्व की दिशा में भी काम करना चाहिए और कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर किफायती एआई, समावेशी एआई और मितव्ययी नवाचार को बढ़ावा दे सकता है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और उन्हें स्थानीय और स्वदेशी सामग्री और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए. 

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