प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में थाईलैंड के पंथौन थीरखानोन का जिक्र भी किया है. जो भगवान गणेश के भक्त हैं. पीएम मोदी ने कहा कि उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है. वह हर साल यात्रा निकालते हैं जो अब पूरे थाइलैंड में प्रसिद्ध होती जा रही है. बता दें कि थाइलैंड में भी भगवान गणेश जी की पूजा होती है और यहां भी गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. पीएम मोदी ने बताया कि कैसे थाइलैंड में पंथौन थीरखानोन की अष्टविनायक यात्रा प्रसिद्ध होती जा रही है और इसकी प्रसिद्धी भी बढ़ी है.
थाइलैंड में फ्रा फिकानेत रूप में पूाज
पीएम मोदी ने कहा 'हम सबने इस महीने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाया है. देशभर में पूरे भक्तिभाव से गणपति बाप्पा का स्वागत किया गया. यह पावन अवसर पूरे वातावरण को उमंग और उल्लास से भर देता है. विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि और शुभ कार्यों के आरंभ के प्रतीक हैं. उनके प्रति अगाध श्रद्धा सिर्फ भारत में ही नहीं है. थाइलैंड के पंथौन थीरखानोन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा पंथौन थीरखानोन वैसे तो थाइलैंड के हैं, थाइलैंड में भगवान श्री गणेश की पूजा 'फ्रा फिकानेत' के रूप में की जाती है. जब वे 19 साल के थे. तब उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश की एक फोटो भेंट की थी. यहीं से अद्भुत भक्ति जागृत हुई.'
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चार दशक से ज्यादा की यात्रा
पंथौन थीरखानोन भगवान श्री गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्ययन में चार दशक से भी अधिक समय बिता चुके हैं. उन्होंने भारत और नेपाल सहित एशिया के कई देशों की यात्रा की है. महाराष्ट्र से उनका विशेष लगाव रहा है. अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार यहां आ चुके हैं. उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है. साल 2002 में उन्होंने उत्तरी 'थाइलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना की. आज इसमें 10 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएं हैं.
मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बताया कि म्यूजियम में उन भक्तों के लिए अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं, जो भारत नहीं आ सकते. यहां हर रविवार सुबह करीब 10 बजे गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है. गणपति से जुड़े विशेष अवसरों पर भी अनुष्ठान होते हैं. यह बताता है कि भारत की आस्था, कला और सांस्कृतिक परम्पराएं दूसरे देशों में भी कैसे लोकप्रिय हो रही हैं.
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