चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए आज नई दिल्ली दौरे पर आ रहे हैं. सात साल बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है. पीएम मोदी के कार्यकाल में 2014 के बाद से यह उनकी चौथी भारत यात्रा है. लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि जिनपिंग और पीएम मोदी की जन्मस्थली के बीच एक अलग दिलचस्प कनेक्शन है. चीन के शांक्सी प्रांत में जिनपिंग के गृह नगर शियान और गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैतृक गांव वडनगर के बीच सदियों पुराना रिश्ता है. ये कनेक्शन 7वीं सदी के महान चीनी बौद्ध भिक्षु और यात्री ह्वेनसांग से जुड़ी है.
शियान और वडनगर के बीच क्या है कनेक्शन
ह्वेनसांग तांग राजवंश के शासन के दौरान 7वीं सदी में भारत यात्रा के लिए चीन के प्राचीन शहर चांगआन (आज शियान) से रवाना हुए थे. ह्वेनसांग ने भारत में लगभग 16 वर्षों तक बौद्ध धर्म और दर्शन का गहन अध्ययन किया.दुर्लभ पांडुलिपि इकट्ठा करने के बाद शियान लौटे. शियान के प्रसिद्ध पैगोडा में बैठकर उन्होंने संस्कृत पांडुलिपियों का चीनी भाषा में अनुवाद किया. शियान राष्ट्रपति शी जिनपिंग का गृह नगर है.
ह्वेनसांग की भारत यात्रा
ह्वेनसांग भारत यात्रा के दौरान गुजरात के वडनगर (प्राचीन नाम आनंदपुर) में ठहरे थे. उन्होंने अपने यात्रा संस्मरण में खुद वडनगर का उल्लेख किया था. वडनगर तब एक बड़ा बौद्ध केंद्र था, जहां 10 से अधिक बौद्ध मठ और 1000 से अधिक बौद्ध भिक्षु प्रवास करते थे.ह्वेनसांग ने पीएम मोदी के गृह नगर वडनगर में ही अपना सबसे ज्यादा समय बिताया. चीन लौटने के बाद जिनपिंग के शियान में ही ज्यादातर वक्त रहे.
पीएम मोदी का पॉडकास्ट
पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में कहा था, जब मैं 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बना तो दुनिया के नेताओं से बधाई मिल रही थी. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी फोन आया. जिनपिंग ने तब तब भारत आने की इच्छा जताई.लेकिन उन्होंने यह कहकर चौंकाते हुए कहा था, मैं दिल्ली की बजाय सबसे पहले गुजरात में आपके गांव वडनगर आना चाहता हूं.जब पीएम मोदी ने सवाल किया तो जिनपिंग ने बताया था, आपका और मेरा एक बहुत खास रिश्ता है.चीनी बौद्ध भिक्षु ह्वेनसांग आपके गांव वडनगर में सबसे लंबे समय तक रहे थे और जब वो चीन तो मेरे गृह नगर (शियान) में रहे थे.
1. जिनपिंग की 2014 की अहमदाबाद यात्रा
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ महीनों बाद सितंबर 2014 में जिनपिंग भारत यात्रा पर आए. प्रोटोकॉल दरकिनार कर जिनपिंग दिल्ली की जगह उनका भव्य स्वागत गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर किया गया. वडनगर के बौद्ध स्थलों की विरासत को भी उन्होंने परखा.

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2. मई 2015: मोदी का शियान दौरा
जिनपिंग 2014 में मोदी के गृह राज्य गुजरात आए तो पीएम मोदी 2015 में चीन दौरे में जिनपिंग ने भी बीजिंग के बजाय उनके गृह नगर शियान में उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने शियान में स्थित दक्षिनशान मंदिर और ह्वेनसांग के जायंट वाइल्ड गूज पगोडा का दौरा किया. यह चीनी इतिहास में दुर्लभ था कि किसी विदेशी नेता का स्वागत राजधानी बीजिंग के बाहर किया गया हो.

3. अक्टूबर 2016: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (गोवा)
गोवा के बेनौलिम में 8वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग समेत संगठन के बड़े नेता आए थे. उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी. यह लगातार तीसरा साल थी, जब उनकी सीधी मुलाकात हुई हो.
4. अक्टूबर 2019: मामल्लपुरम, तमिलनाडु
भारत-चीन के बीच दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) तमिलनाडु में हुआ. चीन के वुहान (2018) में हुए ऐसे सम्मेलन की तर्ज पर चेन्नई के पास तटीय शहर महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) को चुना गया. दोनों नेता अपनी पारंपरिक पोशाक में नजर आए. मोदी-जिनपिंग ने पंच रथ, अर्जुन तपस्या स्थल और तट मंदिर का दौरा किया. दोनों की तस्वीरें खूब वायरल हुईं.

5. सितंबर 2026: नई दिल्ली ब्रिक्स समिट
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी हुई. वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सैन्य गतिरोध और सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के बाद जिनपिंग की यह 7 साल बाद पहली भारत यात्रा हो रही है.
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