प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की राजनीति का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. वह जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. वैश्विक नेताओं ने उनके घरेलू स्तर पर किए गए बदलावों की सराहना की है. इसके साथ ही वैश्विक मंच पर भी भारत के बढ़ते प्रभाव का जिक्र किया है.
मई 2014 में पहली बार देश की कमान संभालने वाले नरेंद्र मोदी ने साल 2024 में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. उनके इस कार्यकाल के दौरान भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है. आज भारत न केवल वैश्विक कूटनीति के शीर्ष मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, बल्कि 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील और गरीब देशों) की सबसे बुलंद आवाज भी बन चुका है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की तारीफ की
पीएम मोदी को बधाई देने वालों में सबसे पहला नाम श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका का है. उन्होंने 8 जून को भेजे एक पत्र में इस मील के पत्थर को बेहद खास बताया. दिसानायका ने लिखा, "यह ऐतिहासिक उपलब्धि आपके कार्यकाल ही नहीं बल्कि उस अटूट विश्वास और भरोसे का प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व पर जताया है."
श्रीलंका भारत की विदेश नीति में हमेशा से एक खास स्थान रखता है. पीएम मोदी अपने कार्यकाल में चार बार श्रीलंका का दौरा कर चुके हैं. सबसे हालिया दौरा अप्रैल 2025 में हुआ था, जब उन्हें श्रीलंका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'मित्र विभूषण' से नवाजा गया था. साल 2022 में जब श्रीलंका गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब भारत ने आगे बढ़कर उसकी मदद की थी.
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पापुआ न्यू गिनी और प्रशांत देशों में मोदी का क्रेज
प्रशांत महासागरीय क्षेत्र से पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. मारापे ने मोदी को "नेतृत्व का एक आदर्श और मिसाल" बताया. उन्होंने खास तौर से इस बात का जिक्र किया कि कैसे मोदी सरकार ने भारत के 20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का अभूतपूर्व काम किया है.
मई 2023 में पीएम मोदी ने पापुआ न्यू गिनी का दौरा किया था. ये किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां की पहली यात्रा थी. उन्होंने वहां 'फिपिक-III' (FIPIC-III) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था. इस यात्रा ने यह साफ कर दिया था कि भारत प्रशांत महासागरीय द्वीप देशों और ग्लोबल साउथ के एजेंडे को लेकर कितना गंभीर है.
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कैरिबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो से भी आई बधाई
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी पीएम मोदी के नेतृत्व का लोहा माना. उन्होंने अपने संदेश में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मुद्दों पर एक प्रमुख मार्गदर्शक बनकर उभरा है."
उन्होंने पीएम मोदी के एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर 140 करोड़ की आबादी वाले देश का लगातार तीन बार नेतृत्व करने के सफर की सराहना की. पीएम मोदी ने जुलाई 2025 में त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा किया था. यह 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी. यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक था क्योंकि यह कैरिबियाई देश में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ था.
एक क्षेत्रीय शक्ति से वैश्विक महाशक्ति बनने का सफर
दुनिया भर से मिल रहे ये बधाई संदेश इस बात का सबूत हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि पूरी तरह बदल चुकी है. भारत अब केवल एक क्षेत्रीय ताकत नहीं रह गया है, बल्कि दुनिया के आर्थिक और भू-राजनीतिक फैसलों में एक अनिवार्य और जरूरी खिलाड़ी बन चुका है.
जैसे ही प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक दहलीज को पार कर रहे हैं, अब ध्यान इस बात पर है कि उनके तीसरे टर्म का बचा हुआ समय एक ऐसे देश के लिए क्या लेकर आएगा जिसके सपने साफ आसमान छू रहे हैं.
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