राघव चड्ढा ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार और उम्मीद के मुताबिक परिणाम ना मिल पाने को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने 'साड्डा पंजाब' कॉन्क्लेव में कहा कि हम भले गुजरात में चुनाव हार गए हो लेकिन हमसे बीजेपी को कितना डर था इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पीएम को खुद पहली बार गुजरात में 50 KM का रोड शो करना पड़ा. हमारी वजह से पीएम को प्रचार में उतरना पड़ा, उन्होंने हमारी वजह से ही इस चुनाव में इनता पसीना बहाया है. पीएम मोदी को मतदाताओं के घर जाकर दरवाजे खटखटाकर वोट मांगने पड़े. वो इसलिए क्योंकि उन्हें AAP से एक मजबूत चुनौती मिल रही थी. नहीं तो गुजरात के चुनाव में बीजेपी प्रचार ही नहीं करती है, घर बैठे ही वोट पाते थे और सरकार बनाते थे.
उन्होंने आगे कहा कि इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी के कैंपेन की वजह से ही बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में जान झोंकनी पड़ी. ये बात अलग है कि हमे जितनी उम्मीद थी उतनी सीटें नहीं मिली लेकिन हम ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि हमारी पार्टी के जितने भी विधायक चुने गए हैं वो अपने क्षेत्र के लिए कर्मठता से काम करेंगे. मैं आज आपको एक बात और साफ कर देता हूं कि अब आने वाले चुनाव में सीधा मुकाबला AAP बनाम बीजेपी होने जा रहा है.
राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल द्वारा चुनाव से पहले चुनाव परिणाम को लेकर लिखित में की गई भविष्यवाणी पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह हमारी पार्टी के चुनाव रणनीति का हिस्सा था. हर पार्टी चुनाव जीतने के लिए लड़ती है. शायद ही कोई ऐसी पार्टी हो जो चुनाव हारने के लिए लड़ती हो. बात अगर चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी लिखकर देने की है तो अरविंद केजरीवाल से पहले देश के गृहमंत्री अमित शाह ने भी कई बार ऐसा किया है.
अमित शाह बंगाल चुनाव के समय भी लिखकर दावा कर रहे थे कि वहां उनकी पार्टी जीतने वाली है. ये सब चुनाव रणनीति का हिस्सा होता है. हमे पता था कि हम गुजरात में अपनी मौजूदगी बड़े स्तर पर दर्ज कराएंगे और हमने ऐसा किया भी. उस राज्य में जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है वहां पहले चुनाव में ही 13 फीसदी वोट और पांच सीटें जीतना कोई छोटीमोटी बात नहीं है.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 'मुफ्त रेवड़ियों' को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने 'साड्डा पंजाब' कॉन्क्लेव में कहा कि केंद्र सरकार को अगर इतनी ही दिक्कत है तो उन्हें पहले मंत्रियों और सांसदों को मिलने वाली मुफ्त रेवड़ियों को बंद करना चाहिए ना कि आम जनता का. राघव ने आगे कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बीते सात सालों में दिल्ली की जनता को मुफ्त में बिजली-पानी, और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बाद भी राज्य के बजट को कई गुणा बढ़ाकर दिखाया है. इससे ये तो साफ होता है कि सरकार अगर चाहे तो वो जनता को बुनियादी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध करवा सकती है.
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि आज हर मंत्री को 3 से 4 हजार यूनिट तक मुफ्त में बिजली मिलती है. इसके अलावा उन्हें मुफ्त हवाई यात्रा और यहां तक की पेट्रोल के पैसे भी मिलते हैं. जब बीजेपी इन नेताओं को ये सब मुफ्त में देती है तो उन्हें ये मुफ्त रेवड़ियां नहीं लगती हैं. वही, आम आदमी पार्टी अगर आम जनता को 300 यूनिट बिजली फ्री दे, मुफ्त में पानी दे और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराए तो ये सब इन्हें मुफ्त की रेवड़ी लगने लगती हैं. मैं आज बीजेपी को चुनौती देता हूं कि वो पहले मंत्री और सांसदों को मिलने वाली मुफ्त की रेवड़ी को बंद करे.
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