विज्ञापन

संसद चलेगी या नहीं? शाह-राहुल की स्पीकर से मुलाकात के बाद भी गतिरोध बरकरार, जानिए कहां फंस रहा पेच

सरकार की दुविधा ये है कि यदि वे विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने पर राजी होते हैं तो क्या गारंटी है कि राहुल गांधी फिर से जनरल नरवणे की किताब का जिक्र नहीं करेंगे और यदि ऐसा होता है तो फिर वही स्थिति होगी जो राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हुई थी.

संसद चलेगी या नहीं? शाह-राहुल की स्पीकर से मुलाकात के बाद भी गतिरोध बरकरार, जानिए कहां फंस रहा पेच
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही फिर चढ़ी हंगामे की भेंट.
  • लोकसभा में बजट पर चर्चा विपक्ष की मांगों के कारण अटकी हुई है और गतिरोध अभी भी जारी है.
  • राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में बोलना चाहते हैं और कांग्रेस बीजेपी सांसद पर कार्रवाई की मांग कर रही है.
  • कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में है. कई मुद्दों पर विपक्षी दल एकमत हैं.
नई दिल्ली:

लोकसभा में एक हफ्ते से चला आ रहा गतिरोध अभी भी जारी है. लोकसभा में बजट पर चर्चा होनी है मगर वो शुरू नहीं हो पा रही है. वहीं राज्यसभा में सब कुछ सामान्य ढंग से चल रहा है. राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर भी आराम से चर्चा हुई, प्रधानमंत्री ने उसका जवाब भी दिया और अब वहां बजट पर चर्चा शुरू हो चुकी है. पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम भी राज्यसभा में बोल चुके हैं. मगर लोकसभा में मामला अटक गया है. वजह है कि विपक्ष अपने कुछ मांगों को लेकर अड़ गया है. राहुल गांधी अभी भी चाहते हैं कि विपक्ष के नेता के तौर पर उनको बोलने दिया जाए. साथ ही कांग्रेस चाहती है कि BJP सांसद निशिकांत दुबे पर कार्रवाई हो.

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से बढ़ा दवाब

यही नहीं कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की भी तैयारी कह रही है. हालांकि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने की एक लंबी चौड़ी प्रक्रिया है, मगर इस चर्चा के दम पर कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष पर भी दबाव बना रही है. अभी तक तो कांग्रेस को सभी विपक्षी दलों का साथ मिल रहा है मगर यह कब तक मिलेगा, ये बड़ा सवाल है क्योंकि विपक्षी दल भी चाहते हैं कि लोकसभा में बजट पर चर्चा हो और वो अपनी बात कह सकें. सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकें. 

यदि राहुल को बोलने दिया और उन्होंने फिर नरवणे की किताब का जिक्र किया तो...

खासकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सांसद तो यही चाहते हैं. दूसरी ओर ममता बनर्जी की पार्टी लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बजाए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाना चाहती है. सरकार की दुविधा ये है कि यदि वे विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने पर राजी होते हैं तो क्या गारंटी है कि राहुल गांधी फिर से जनरल नरवणे की किताब का जिक्र नहीं करेंगे और यदि ऐसा होता है तो फिर वही स्थिति होगी जो राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हुई थी.

महिला सांसदों पर स्पीकर के बयान ने विपक्ष को किया एकजुट

वैसे कांग्रेस ने यह तय किया था कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में राहुल गांधी हिस्सा लेंगे और बजट पर प्रियंका गांधी बोलेंगी. मगर अभी गतिरोध बना हुआ है. विपक्ष सांसदों का निलंबन वापस हो, इस बात पर भी विपक्ष में एकजुटता दिख रही है. महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री का रास्ता रोकने और उस पर लोकसभा अध्यक्ष का जो बयान आया है उसने विपक्ष को एकजुट कर दिया है.

विपक्ष के कई नेताओं के बाद अमित शाह भी स्पीकर से मिले

विपक्ष के कई बड़े नेता राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और टी आर बालू ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात भी की है. केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष की भी मुलाकात हुई है. ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार और विपक्ष के बीच कोई रास्ता निकलेगा और लोकसभा की कार्यवाही शुरू होगी. संसद के बजट सत्र का पहला भाग 13 फरवरी तक ही है जबकि दूसरा भाग 9 मार्च से शुरू होगा जो 2 अप्रैल तक चलेगा.

यह भी पढ़ें - गतिरोध सुलझाने की कोशिशें तेज, स्पीकर से मिले शाह-राहुल; विपक्ष की इन 4 आपत्तियों पर सरकार ने दिया जवाब

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Lok Sabha, Parliament Budget Session Uproar, Parliament Budget Session, Parliament Budget Session Updates, Om Birla
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com