- पुतिन ने कहा कि ऐसी मुलाकात केवल दीर्घकालिक शांति समझौते के बाद और अंतिम चरण में हो सकती है
- मिन्स्क समझौते को उदाहरण देते हुए पुतिन ने कहा कि वार्ताओं में विशेषज्ञों की भूमिका आवश्यक है ताकि स्पष्टता आए
- मिन्स्क समझौते का उद्देश्य डोनबास क्षेत्र में संघर्ष को हल करना था, लेकिन हिंसा रोकने में सफल नहीं हुआ
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार (स्थानीय समय) को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात करने की इच्छा जताई ताकि चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी तीसरे देश में पूर्ण समाधान निकाला जा सके. यह पहली बार है जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से रुके हुए संबंधों में संभावित बदलाव का संकेत मिला है. मंगलवार को विजय दिवस परेड के बाद मीडिया से बात करते हुए पुतिन ने कहा कि उन्होंने अपने यूक्रेनी समकक्ष से बातचीत के लिए कभी इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी "तीसरे देश" में मुलाकात तभी संभव है जब एक व्यापक, दीर्घकालिक शांति समझौता हो जाए, और यह मुलाकात केवल समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए होगी.
मिन्स्क समझौते का दिया उदाहरण
पुतिन ने कहा, "मैंने अभी-अभी एक बार फिर सुना है कि यूक्रेनी पक्ष और जेलेंस्की व्यक्तिगत मुलाकात के लिए तैयार हैं. हमने यह पहले भी सुना है. हमने कभी इनकार नहीं किया; मैंने कभी इनकार नहीं किया. अगर वे मुलाकात का प्रस्ताव रखते हैं, तो जो लोग मिलना चाहते हैं वे मॉस्को आ सकते हैं. हम किसी तीसरे देश में भी मिल सकते हैं, लेकिन तभी जब शांति समझौते पर अंतिम सहमति बन जाए, जो एक दीर्घकालिक समझौता होना चाहिए. तब हम किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मिल सकते हैं, लेकिन यह अंतिम चरण होना चाहिए, न कि वार्ता का केंद्र. हम मिन्स्क समझौते से जानते हैं कि ये वार्ताएं कैसी हो सकती हैं. कोई घंटों बात कर सकता है, और कोई परिणाम नहीं निकलता. हमें विशेषज्ञों की आवश्यकता है जो इसका ध्यान रखें, ताकि दोनों पक्षों के लिए बात स्पष्ट हो जाए. तब हम हस्ताक्षर करने या किसी समारोह में भाग लेने के लिए मिल सकते हैं.”

क्या था मिन्स्क समझौता
मिन्स्क समझौते 2014 और 2015 में बेलारूस में हुए दो समझौते थे, जिनका उद्देश्य यूक्रेनी सैनिकों और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में संघर्ष को हल करना था. हालांकि इन समझौतों का उद्देश्य युद्धविराम स्थापित करना, भारी हथियारों को हटाना और अलग हुए क्षेत्रों को राजनीतिक रूप से यूक्रेन में पुनः एकीकृत करना था, लेकिन ये हिंसा को रोकने में सफल नहीं हुए.
क्या खत्म होने वाला है युद्ध
पुतिन की टिप्पणियों से पहली बार रूसी राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से जेलेंस्की के साथ रूस के बाहर बैठक का सुझाव दिया है, जो मॉस्को और कीव के बीच जारी युद्ध के बीच एक औपचारिक शांति समझौते की दिशा में एक संभावित मार्ग का संकेत है. यह युद्ध फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से अपने पांचवें वर्ष में है. इससे पहले सितंबर 2025 में, पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी और सुझाव दिया था कि ऐसी बैठक मॉस्को में हो सकती है, बशर्ते कि बैठक की अच्छी तरह से तैयारी की जाए और इसका उद्देश्य रचनात्मक परिणाम प्राप्त करना हो. बातों-बातों में पुतिन ने रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द समाप्त होने का भी अनुमान जताया.
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