- मुंह और गले के कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए गुटखा और तंबाकू पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध लगाया है
- प्रतिबंध के तहत गुटखा और तंबाकू की बिक्री और भंडारण दोनों पर रोक लगी है.
- दून मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने वाले मरीजों में करीब पैंतीस प्रतिशत मुंह और गले के कैंसर से पीड़ित पाए गए हैं.
उत्तराखंड में मुंह और गले के कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार ने गुटखा और तंबाकू पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. इसके तहत न तो इनकी बिक्री की जा सकेगी और न ही स्टॉक किया जा सकेगा. राज्य में गुटखा-तंबाकू का सालाना कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है. ऐसे में प्रतिबंध से कारोबार को आर्थिक नुकसान हो सकता है. लेकिन माना जा रहा है कि इससे तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, खासकर कैंसर के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
35 प्रतिशत मुंह और गले के कैंसर से पीड़ित
देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कैंसर विभाग में आने वाले मरीजों में करीब 35 प्रतिशत मुंह और गले के कैंसर से पीड़ित बताए गए हैं. आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 में कैंसर विभाग की ओपीडी में 1,048 मरीज आए, जिनमें 66 कैंसर मरीजों का इलाज चला. 2022 में ओपीडी में 1,019 मरीज पहुंचे और 269 कैंसर मरीजों का इलाज चला. वर्ष 2023 में ओपीडी में 5,332 मरीज आए, जबकि 116 कैंसर मरीजों का इलाज चला. 2024 में ओपीडी में 3,806 मरीज आए और 712 कैंसर मरीजों का इलाज चला. वहीं, 2025 में ओपीडी में 4,012 मरीज इलाज के लिए पहुंचे और 944 कैंसर मरीजों का इलाज चला.
दून मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. दौलत कुमार ने गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के फैसले को अच्छा कदम बताया है. उनका कहना है कि मुंह और गले के कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं और इसके पीछे गुटखा व तंबाकू का सेवन एक बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन ऐसी सामाजिक बुराई है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए. इससे न सिर्फ व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, बल्कि कैंसर के महंगे इलाज के कारण उसके परिवार पर भी भारी आर्थिक बोझ पड़ता है.
इस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च से जुड़ी रिपोर्ट में भी तंबाकू और गुटखा सेवन के संदर्भ में कैंसर के मामलों का उल्लेख किया गया है. दी गई जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2025 से सितंबर 2025 के बीच किए गए अध्ययन में 2019 से 2024 के दौरान सिर और गले के कैंसर से जुड़े मामलों का विश्लेषण किया गया. इसमें करीब 11,285 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 8,709 पुरुष और 2,576 महिलाएं थीं. धूम्रपान सहित और धूम्रपान रहित तंबाकू सेवन से जुड़े 7,154 लोगों में 3,599 पुरुष और 3,555 महिलाएं थीं.
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के पुरुषों में होंठ के कैंसर का आंकड़ा 53.68 प्रतिशत, जीभ के कैंसर का 24.10 प्रतिशत और मुंह के कैंसर का 49.02 प्रतिशत बताया गया है. वहीं महिलाओं में होंठ के कैंसर का आंकड़ा 36.94 प्रतिशत, जीभ के कैंसर का 6.91 प्रतिशत और मुंह के कैंसर का 33.65 प्रतिशत बताया गया है. उत्तराखंड फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अपर आयुक्त ताजबर जागी ने बताया कि राज्य में 13 अक्टूबर 2026 से एक साल के लिए संबंधित गुटखा और तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है. उन्होंने बताया कि पान मसाले के साथ बेचे जाने वाले तंबाकू पर भी प्रतिबंध लागू है. यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री या उनका स्टॉक करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ चालान समेत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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