दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी दलों की रैली में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जमकर हमला बोला गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मल्लिकार्जुन खरगे, तेजस्वी यादव और वाम दलों के नेताओं ने मंच साझा करते हुए चुनावी प्रक्रिया, वोटर लिस्ट और लोकतंत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए.
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बनते. राहुल ने आरोप लगाया कि यह सामान्य चोरी नहीं बल्कि देश के नागरिकों की आवाज की चोरी है. उन्होंने कहा कि यह 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला है और इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखा जाना चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि चुनाव के बाद 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. उनके मुताबिक सात में से एक मतदाता को सूची से बाहर कर दिया गया, इसलिए 2024 का चुनाव 'अवैध' था. राहुल ने कहा कि यह दावा उनके नहीं बल्कि चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब खुद तय करना चाहते हैं कि उन्हें वोट कौन देगा. उन्होंने केंद्र, उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारों को 'चोरी की सरकार' बताया. खरगे ने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और चाहे सीबीआई लगा दी जाए, वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी दोहराई.
महबूबा मुफ्ती, फारुक अब्दुल्ला ने क्या कहा?
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश को बदलने की कोशिश की जा रही है और अगर लोग अभी नहीं जागे तो देर हो जाएगी. उन्होंने अग्निवीर योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सेना में जाने वाले युवाओं के भविष्य से भी समझौता किया गया है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा पर मुसलमानों को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने देश के लिए खून दिया है और आगे भी देते रहेंगे. उन्होंने सवाल किया कि अगर वोटर लिस्ट से हिंदुओं के नाम हटे हैं तो क्या उन्हें भी पाकिस्तानी कहा जाएगा. फारूक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है और लोगों को डरने की नहीं, संघर्ष करने की जरूरत है.
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला, अखिलेश ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकतंत्र, वोट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और अधिकारों की चोरी हुई है. ममता ने कहा, "हम हारे नहीं, हमें हराया गया है."
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कभी उत्तर प्रदेश से आए थे, उनकी विदाई भी उत्तर प्रदेश से ही होगी. उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की विदाई तय है. अखिलेश ने दावा किया कि 2022 में उत्तर प्रदेश में "वोट चोरी" के जरिए सरकार बनी थी और चुनाव आयोग का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया गया.
राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत का संदर्भ देते हुए कहा कि रामलीला मैदान में वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन हुआ है. उन्होंने शकुनि और उसके पासे का जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.
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