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This Article is From Nov 23, 2025

‘रहना नामुमकिन था...' अमेरिका के हेल्थकेयर से परेशान NRI कपल ने जानिए क्यों चुना भारत का रास्ता

अमेरिका में 17 साल बिताने के बाद एक एनआरआई कपल ने महंगे और जटिल हेल्थकेयर सिस्टम से परेशान होकर भारत लौटने का फैसला किया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने बताया कि भारत में इलाज सुलभ और सपोर्ट सिस्टम बेहतर है.

‘रहना नामुमकिन था...' अमेरिका के हेल्थकेयर से परेशान NRI कपल ने जानिए क्यों चुना भारत का रास्ता
  • अमेरिका में हेल्थकेयर सिस्टम महंगा और जटिल होने के कारण एक एनआरआई कपल ने भारत वापसी का निर्णय लिया
  • कपल ने बताया कि अमेरिका में हेल्थ इंश्योरेंस के डिडक्टिबल और प्रीमियम की लागत ने उनकी आर्थिक स्थिति खराब कर दी
  • अमेरिका में सबसे सस्ता हेल्थ इंश्योरेंस प्लान प्रति माह हजारों डॉलर का था, जो बच्चों को कवर नहीं करता था
नई दिल्ली:

अमेरिका में 17 साल बिताने के बाद एक एनआरआई कपल ने भारत लौटने का फैसला किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके वीडियो में उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम ने उनकी जिंदगी को इतना महंगा और तनावपूर्ण बना दिया कि उन्हें वापसी का रास्ता चुनना पड़ा. कपल के मुताबिक, अमेरिका में इलाज न सिर्फ महंगा था बल्कि बेहद धीमा और जटिल भी था.  कपल, जिनके जुड़वां बच्चे हैं, ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए वीडियो में बताया कि अमेरिका में हेल्थ इंश्योरेंस की लागत ने उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर डाला.

उन्होंने कहा, “जो लोग अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम से नहीं गुजरे हैं, उन्हें बता दें कि इंश्योरेंस मदद करने से पहले आपको सालाना डिडक्टिबल पूरा करना होता है. यानी हर डॉक्टर विजिट, टेस्ट का खर्च तब तक खुद उठाना पड़ता है जब तक डिडक्टिबल पूरा न हो जाए.”

कपल ने बताया कि उनके लिए यह खर्च करीब $14,000 था, जो मासिक प्रीमियम के अलावा था. सबसे सस्ता प्लान जो उन्हें मिला, वह $1,600 प्रति माह का था, जिसमें $15,000 डिडक्टिबल शामिल था. यह प्लान सिर्फ दोनों के लिए था, बच्चों के लिए नहीं. उन्होंने कहा, “छोटी-छोटी हेल्थ चिंताएं भी महंगी और तनावपूर्ण हो जाती थीं.”

महंगे इलाज और सपोर्ट सिस्टम की कमी के बीच कपल ने भारत लौटने का फैसला किया. उन्होंने कहा, “भारत आना परफेक्शन की तलाश नहीं थी. यहां हेल्थकेयर लग्जरी नहीं लगता. हमें अच्छे डॉक्टर, तेज इलाज और ऐसा सपोर्ट सिस्टम मिला जो वास्तव में सुलभ है. यह भागना नहीं था, बल्कि ऐसी जिंदगी की ओर बढ़ना था जहां हेल्थकेयर आर्थिक बोझ न हो और मातृत्व अकेली लड़ाई न बने.” कपल ने माना कि भारत परफेक्ट नहीं है, लेकिन यहां उन्हें वह मिला जिसकी उन्हें कमी महसूस नहीं हुई थी ‘संतुलन और सुकून'.

खबर लिखे जाने तक उनका वीडियो अब तक 16 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है. यूजर्स ने उनकी बातों से सहमति जताई और कई ने कहा कि भारत में फैमिली सपोर्ट सिस्टम बच्चों की परवरिश में बड़ी मदद करता है. एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ हेल्थकेयर ही नहीं, कई और चीजें हैं जो जिंदगी को मुश्किल बना देती हैं. बच्चों और अपनी बेहतर जिंदगी के लिए इतना बड़ा फैसला लेने पर बधाई.”

वहीं एक अन्य ने कहा, “दोनों देशों के अपने फायदे-नुकसान हैं, लेकिन भारत में फैमिली सपोर्ट सिस्टम बेहतरीन है.” दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में एक अमेरिकी महिला का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उसने भारत में हेल्थकेयर का अनुभव साझा किया. क्रिस्टन फिशर ने बताया कि उसने अंगूठे में कट लगने पर स्थानीय अस्पताल में सिर्फ 50 रुपये में इलाज कराया. उसने कहा, “अमेरिका में यही इलाज हजारों डॉलर का पड़ता.”

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