- संजय निषाद ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में निषाद समाज के लिए आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है
- उन्होंने कहा कि निषाद समाज को आरक्षण न मिलने पर बच्चों के भविष्य और समाज के सम्मान को खतरा होगा
- संजय निषाद ने आरक्षण के लिए दिल्ली में एकजुट होकर हुकूमत को अपनी ताकत का अहसास कराने की अपील की है
निषाद समाज को अनुसूचित जाति में अलग से आरक्षण दिए जाने की मांग अकसर करने वाले संजय निषाद फिर से बागी तेवर दिखा रहे हैं. योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अब आरक्षण के नाम पर दिल्ली चलो का नारा दे दिया है. वह दशहरे के अगले ही दिन यानी 21 अक्तूबर को दिल्ली में निषादों का जमावड़ा करने वाले हैं. इसका ऐलान करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट उन्होंने किए हैं. संजय निषाद ने लिखा है, '21 तारीख, दिल्ली चलो! हक हमारा, अधिकार हमारा!' इसके आगे उन्होंने लिखा कि जिसका दल है, उसी का बल है.
आरक्षण के नाम पर हुंकार भरते हुए उन्होंने एक और नारा दिया है- आरक्षण नहीं, तो चैन नहीं. उन्होंने निषाद समाज को संबोधित करते हुए लिखा, 'साथियों, शांत बैठना अब विकल्प नहीं है. हमारे बच्चों का भविष्य और हमारे समाज का सम्मान और हमारे पूर्वजों की विरासत आज हमसे एकजुटता मांग रही है.' इसके आगे वह लिखते हैं, 'क्यों आना है? क्योंकि जब हम बिखरे होते हैं तो अनसुने कर दिए जाते हैं. जब हम दिल्ली की सड़कों पर एक साथ कदमताल करेंगे तो हुकूमत को हमारी ताकत का अहसास होगा. यह 21 तारीख हमारे अस्तित्व की लड़ाई है. चलो दिल्ली! दिखा दो एकता की ताकत! जय निषाद.'
उन्होंने निषाद समाज से जुटने का आह्वान करते हुए लिखा कि सोचिए, जब आपके बच्चे आपसे पूछेंगे कि जब हमारे हक की बात हो रही थी, तब आप कहां थे? तब गर्व से कहिएगा- मैं दिल्ली में अपने समाज की ढाल बनकर खड़ा था! 21 तारीख को मिलते हैं.' संजय निषाद ने भले ही आरक्षण के नाम पर दिल्ली में जुटने का ऐलान किया है, लेकिन इसे चुनाव से पहले उनकी भाजपा पर दबाव की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है. यूपी में ओमप्रकाश राजभर, जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद जैसे नेताओं के दल भाजपा के साथ हैं.
• 21 तारीख—दिल्ली चलो! हक हमारा, अधिकार हमारा!" • "जिसका दल है, उसी का बल है!" • "आरक्षण नहीं, तो चैन नहीं!" जाग उठा है निषाद राज का लाल, 21 को दिल्ली में मचेगा बवाल! साथियों, शांत बैठना अब विकल्प नहीं है। हमारे बच्चों का भविष्य, हमारे समाज का सम्मान और हमारे पूर्वजों की विरासत आज हमसे एकजुटता मांग रही है। क्यों आना है? क्योंकि जब हम बिखरे होते हैं, तो अनसुने कर दिए जाते हैं। जब हम दिल्ली की सड़कों पर एक साथ कदमताल करेंगे, तो हुकूमत को हमारी ताकत का एहसास होगा। यह 21 तारीख हमारे अस्तित्व की लड़ाई है! चलो दिल्ली! दिखा दो एकता की ताकत! जय निषाद "सोचिए, जब आपके बच्चे आपसे पूछेंगे कि जब हमारे हक की बात हो रही थी, तब आप कहाँ थे? तब गर्व से कहिएगा—मैं दिल्ली में अपने समाज की ढाल बनकर खड़ा था! 21 तारीख को मिलते हैं।"
— Dr. Sanjay Kumar Nishad (@drsanjayknishad) October 19, 2026
सीटों पर रस्साकशी के बीच संजय निषाद का नया दांव
फिलहाल सभी अपने लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों की दावेदारी कर रहे हैं. इस पर रस्साकशी जारी है. ऐसे में संजय निषाद के दिल्ली चलो वाले आह्वान को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. गौरतलब है कि हाल ही में उन्होंने NDTV से बातचीत में भी आरक्षण वाली बात कही थी. उनका यहां तक कहना था कि यदि हमारे समाज को आरक्षण नहीं मिला तो फिर मैं मंत्री पद का त्याग करने के लिए भी तैयार हूं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं