कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के लिए किसी समुदाय या स्थान पर दोषारोपण नहीं किया जाए: केंद्र सरकार

सरकार ने कहा कि इस तरह के बर्ताव से आपसी बैर भाव, अराजकता और अनावश्यक सामाजिक बाधायें बढ़ती हैं. परामर्श में मौजूदा परिस्थितियों में लोगों द्वारा किये जाने वाले और न किए जाने वाले कार्यों को भी सूचीबद्ध किया गया है.

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के लिए किसी समुदाय या स्थान पर दोषारोपण नहीं किया जाए: केंद्र सरकार

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • केंद्र सरकार ने जारी किया परामर्श
  • निजामुद्दीन प्रकरण के चलते मुस्लिम समुदाय को बनाया जा रहा था निशाना
  • कहा- इससे सामाजिक सौहार्द खराब होता है
नई दिल्ली:

सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के लिए किसी समुदाय या स्थान पर दोषारोपण नहीं करने का बुधवार को एक परामर्श जारी करते हुए लोगों से ऐसा करने से बचने की अपील की. बता दें, दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में पिछले महीने हुए तबलीगी जमात के एक धार्मिक कार्यक्रम के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से हुई वृद्धि और देश के विभिन्न हिस्सों में यह महामारी फैलने के लिये खासतौर पर सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को जिम्मेदार ठहराए जाने के दृष्टांतों के बाद यह परामर्श जारी किया गया. सोशल मीडिया पर की जा रही इस तरह की टिप्पणियों को रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि किसी संक्रामक बीमारी के फैलने से उपजी जन स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के कारण पैदा होने वाले भय और चिंता, लोगों और समुदायों के विरुद्ध पूर्वाग्रह तथा सामाजिक अलगाव को बढ़ावा देती है.

सरकार ने कहा कि इस तरह के बर्ताव से आपसी बैर भाव, अराजकता और अनावश्यक सामाजिक बाधायें बढ़ती हैं. परामर्श में मौजूदा परिस्थितियों में लोगों द्वारा किये जाने वाले और न किए जाने वाले कार्यों को भी सूचीबद्ध किया गया है. इसमें स्वास्थ्य, सफाई या पुलिस कर्मियों पर निशाना साधने से बचने की अपील करते हुए कहा गया है कि ये लोग जनता की सहायता के लिए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक किए गए परामर्श में चिकित्सा कर्मी, सफाई कर्मी और पुलिस कर्मियों को महामारी के खिलाफ जारी अभियान में अग्रिम मोर्चे का कार्यकर्ता बताया गया है. 

दुनिया में

67,69,38,430मामले
62,55,71,965सक्रिय
4,44,81,893ठीक हुए
68,84,572मौत
कोरोनावायरस अब तक 200 देशों में फैल चुका है. January 9, 2024 10:54 am बजे तक दुनियाभर में कुल 67,69,38,430 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 68,84,572 की मौत हो चुकी है. 62,55,71,965 मरीज़ों का उपचार जारी है और 4,44,81,893 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. .

भारत में

4,50,19,214 475मामले
3,919 -83सक्रिय
4,44,81,893 552ठीक हुए
5,33,402 6मौत
भारत में, 4,50,19,214 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 5,33,402 मौत शामिल हैं. January 9, 2024 8:00 am बजे तक भारत में सक्रिय मामलों की संख्या 3,919 है और 4,44,81,893 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है.

राज्यवार व जिलावार विवरण

राज्य मामले सक्रिय ठीक हुए मौत

कोरोना वायरस: बढ़ाई जा सकती है देश में लॉकडाउन की अवधि, ऑल पार्टी मीटिंग में बोले PM नरेंद्र मोदी

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इसमें कहा गया है कि संक्रमण के बारे में भय और गलत जानकारियों के प्रसार के कारण इन लोगों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने को लेकर मामले भी दर्ज किए गए हैं. इतना ही नहीं इलाज के बाद स्वस्थ होने वालों के प्रति भी इस प्रकार का भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने के मामले सामने आए हैं. परामर्श में सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ समुदायों और स्थानों को गलत जानकारियों के आधार पर संक्रमण फैलाने का दोषी ठहराया जा रहा है. इस तरह के पूर्वाग्रह पूर्ण दोषारोपण को तत्काल रोका जाना जरूरी है. सरकार ने लोगों से अनुरोध किया है कि किसी समुदाय या स्थान को कोरोना संक्रमण फैलने के लिये दोषी नहीं ठहराया जाए.
 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)