मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आरसीपी सिंह के खुद मंत्री बन जाने के बयान पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इससे बड़ा झूठ कुछ भी नहीं हो सकता है, अमित शाह ने दो बार उनसे बातचीत की. नीतीश कुमार ने नाम दिया, तब आरसीपी सिंह मंत्री बने. उन्होंने कहा कि अगर आरसीपी सिंह अपने मन से केंद्र में मंत्री बन गए, तो नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी से बाहर क्यों नहीं निकाला. चेयरमैन के पास उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए आवेदन क्यों नहीं दिया. उन्हें 13 महीनों तक क्यों बर्दाश्त किया.
बीजेपी सांसद ने कहा कि ये नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षा है कि वो हर दो साल पर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते हैं. उन्होंने कहा कि ललन सिंह को आरसीपी सिंह के मंत्री बनने पर जलन हो गई कि मैं मंत्री क्यों नहीं बना. इसीलिए व्याकुल तेजस्वी यादव के साथ मिलकर उन्होंने सरकार गिरा दी.
-
मोहिनी डे के म्यूजिक से सजी NDTV वर्ल्ड समिट 2026 की शुरुआत -
NDTV World Summit 2026: PM मोदी से जयशंकर तक... NDTV के मंच पर आज दुनिया की नजर -
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026 का आगाज... मोहिनी डे ने दी प्रस्तुति, एक मंच पर जमा हो रहे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
NDTV World Summit का हुआ आगाज... डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड समेत पहले दिन किन मुद्दों पर हो रही बात? -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
सुशील मोदी ने कहा कि जेडीयू के नेता दिल्ली में बीजेपी के बड़े नेताओं से मिले थे और नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाए जाने की बात की थी, लेकिन बीजेपी के नेता नहीं माने. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को लगता है कि बीजेपी के साथ रहने पर वो बिहार के मुख्यमंत्री के अलावा और आगे नहीं बढ़ सकते, इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से गठबंधन तोड़ दिया. बिहार में पिछले 10 साल में 8 बार सरकार बनी. 2005 से 2013 के बीच जो काम हुआ, उसके बाद उसकी गति धीमी पड़ गई.
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा था कि मिट्टी में मिल जाउंगा लेकिन बीजेपी से हाथ नहीं मिलाउंगा, फिर क्यों आए बीजेपी के साथ सरकार बनाने. फिर आरजेडी के साथ कभी लौटकर नहीं जाने की बात कहकर फिर सरकार बना ली. नीतीश कुमार के पास ना कोई नैतिकता है और ना ही कोई सिद्धांत है. उन्होंने कहा कि इनका जनाधार भी खत्म हो रहा है, 2010 में जेडीयू 115 सीट जीती थी, 2015 में 71 पर पहुंच गए और अब 2020 में 45 पर पहुंच गए. अगली बार तो 15-20 सीट जीतना भी मुश्किल हो जाएगा. मोदी ने कहा कि 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे एक उम्र के बाद तो अब छोड़ देना चाहिए.
बता दें कि नीतीश कुमार ने कभी अपने सबसे करीबी रहे आरसीपी सिंह को लेकर कहा कि वो खुद केंद्र में मंत्री बन गए. हमने उन्हें बहुत अधिकार दिए थे, लेकिन उन्होंने गड़बड़ किया. नीतीश ने कहा कि हमने 4 मंत्री पद की मांग की थी, लेकिन वो खुद बन गए और कहने लगे कि मेरे कहने पर बने थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं