राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार सुबह कई राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में बड़े पैमाने पर छापेमारी की. सूत्रों के अनुसार भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच उभरती सांठगांठ को खत्म करने के उद्देश्य से चल रहे एक मामले में इन चार राज्यों और दिल्ली में छह से अधिक जिलों में गैंगस्टरों से जुड़े आवासीय और अन्य परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं.
छापे लारेंस बिश्नोई, नीरज बवाना और टिल्लू ताजपुरिया और गोल्डी बराड़ से जुड़े गिरोह के गठजोड़ पर केंद्रित हैं, जो पहले से ही आतंकवाद विरोधी एजेंसी के निशाने पर हैं. एनआईए द्वारा कई गैंगस्टरों से पूछताछ के बाद छापेमारी की योजना बनाई गई थी.
अक्टूबर में, एनआईए ने उत्तर भारत के चार राज्यों और दिल्ली में 52 स्थानों पर चलाए गए एक बड़े तलाशी अभियान के बाद एक वकील और हरियाणा के एक गैंगस्टर को गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तार वकील की पहचान उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके के गौतम विहार निवासी आसिफ खान के रूप में हुई थी. एजेंसी को खान के आवास पर तलाशी के दौरान चार हथियार और कुछ पिस्तौल, गोला-बारूद मिले थे. जिसके बाद खान को गिरफ्तार कर लिया गया था.
एनआईए के अनुसार आसिफ खान जेल में बंद गैंगस्टरों के संपर्क में था. एनआईए ने बसौदी, सोनीपत (हरियाणा) के रहने वाले राजेश उर्फ राजू मोटा को भी गिरफ्तार किया था. एनआईए के मुताबिक, मोटा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
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