न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती सहित की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आज सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. मंगलवार को, दिल्ली पुलिस ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ सहित दो लोगों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य धाराओं के तहत उनके परिसरों पर छापेमारी,पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने NDTV को बताया, "न्यूजक्लिक से जुड़े कुल 37 पुरुष संदिग्धों से परिसर में पूछताछ की गई है. जबकि 9 महिला संदिग्धों से उनके घर पर जाकर पूछताछ की गई.
पुलिस ने इसके साथ ही पत्रकारों के लैपटॉप, सेलफोन समेत कई दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया है. पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है." दरअसल, 5 अगस्त को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया था कि न्यूजक्लिक को एक अमेरिकी अरबपति नोवेल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था. वे चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंडिंग करते हैं. इस रिपोर्ट के आधार पर 17 अगस्त को न्यूजक्लिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.
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न्यूज़क्लिक को चीनी संस्थाओं से 38 करोड़ मिलने का दावा
दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि न्यूज़क्लिक को चीन से कथित संबंध वाली संस्थाओं से लगभग 38 करोड़ मिले. इस फंड का इस्तेमाल वेबसाइट पर चीन समर्थक कंटेंट को प्रभावित करने के लिए किया गया. पुलिस सूत्रों ने कहा कि एक्सपोर्ट सर्विसेज के फीस के रूप में 29 करोड़ रुपये मिले, जबकि शेयर की कीमतें बढ़ाकर एफडीआई के रूप में 9 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. सूत्रों का कहना है कि फंड को कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड और गौतम नवलखा के साथ भी शेयर किया गया.
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने जताई चिंता
इस बीच प्रेस संगठनों ने न्यूज़क्लिक के खिलाफ एक्शन पर चिंता जाहिर की है. 'एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' ने एक बयान में कहा, "EGI 3 अक्टूबर की सुबह वरिष्ठ पत्रकारों के घरों पर छापे और उसके बाद उनमें से कई पत्रकारों की हिरासत को लेकर बेहद चिंतित है. हम राज्य से उचित प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह करते हैं. प्रेस को डराने-धमकाने के लिए कठोर आपराधिक कानूनों को हथियार न बनाया जाए."
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा- घटनाक्रम पर रख रहे नजर
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने हैशटैग #DefendMediaFreedom के साथ एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा, "न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों और लेखकों के घरों पर की गई कई छापेमारी से प्रेस क्लब ऑफ इंडिया काफी चिंतित है. हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और एक विस्तृत बयान जारी करेंगे."
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