नेपाल-चीन सीमा पर आई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) आपदा ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है. नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने इस आपदा से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें प्रभावित क्षेत्रों की भयावह स्थिति साफ दिखाई दे रही है.
रसुवाको भोटेकोशी नदीमा बाढी आउनुपूर्व र आएपछि स्याफ्रुबेसीदेखि देविघाटसम्मका स्याटेलाइट तस्विर। PlanetLab का यी तस्विरहरु Stimson Center को सहयोगमा प्राप्त भएका हुन्। तस्विर १-देविघाट क्षेत्र, तस्विर २-बेत्रावती क्षेत्र तस्विर ३-हाकु बेसी क्षेत्र, तस्विर ४-स्याफ्रुबेसी क्षेत्र pic.twitter.com/syQ90n9JE6
— NDRRMA (@NDRRMA_Nepal) August 26, 2026
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बर्बादी
PlanetLab द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों को Stimson Center की मदद से प्राप्त किया गया है. इन तस्वीरों में स्याफ्रुबेसी से लेकर देवीघाट तक का इलाका दिखाई देता है. देवीघाट, बेत्रावती, हाकुबेसी और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्रों में बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान दर्ज किया गया है.

नदी किनारे बसे इलाकों पर सबसे ज्यादा असर
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि भोटे कोशी नदी के दोनों किनारों पर बसे कई रिहायशी क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए. कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए जबकि कई इलाकों में जमीन का स्वरूप ही बदल गया. नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ इसका फैलाव भी काफी चौड़ा हो गया है.

बदली नदी की धारा, बढ़ा कटाव
विशेषज्ञों के अनुसार कई स्थानों पर नदी की धारा ने नया रास्ता बना लिया है. तेज बहाव के कारण बड़े पैमाने पर कटाव हुआ है. पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने से स्थिति और गंभीर हो गई है.

सड़कों और पुलों को भारी नुकसान
इस आपदा ने पूरे इलाके के बुनियादी ढांचे को झकझोर दिया है. कई किलोमीटर लंबी सड़कें बह गई हैं जबकि छोटे और बड़े पुल भी क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. सैटेलाइट तस्वीरें बताती हैं कि इस बाढ़ ने केवल जनजीवन ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के भूगोल को भी बदलकर रख दिया है.
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