- शाहजहांपुर से पकड़े गए सेना के फर्जी अधिकारी आर्यन वर्मा ने UPSC छात्रों को सफलता का मंत्रा दिया
- आर्यन ने बताया कि कैसे बचपन में मेडिकल क्षेत्र में रुचि रखने के बावजूद UPSC अधिकारी बनने का मन बनाया
- नीट परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद आर्यन ने फर्जी भारतीय सेना ब्रिगेडियर बनकर लोगों पर दबदबा बनाया
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से पकड़े गए भारतीय सेना के ब्रिगेडियर की फर्जी वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ने वाले 21 साल के आर्यन वर्मा का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह UPSC छात्रों को सक्सेस मंत्रा देता नजर आ रहा है. UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को वह बता रहा था कि इंटरेक्शन होना बहुत जरूरी है. दिमाग को अपडेट रहना बहुत जरूरी है. उसने कहा कि दिमाग अगर अपडेट होगा तभी मन में बातें आएंगी.
वीडियो में आर्यन ये भी कहता सुनाई दिया कि आज ये लोग मुझे देख रहे हैं. शाम को घर जाएंगे तो इनके दिमाग में ये बात आएंगी कि हां ऐसा था, ये मैंने देखा और मैं भी ऐसे हो सकते हैं. आर्यन ने आगे कहा कि वह चौथी या पांचवीं क्लास में था तब यहां अमृत त्रिपाठी नाम के एक बीएम थे. इस दौरान किसी ने उसे टोका कि अमृत त्रिपाठी और चौथी यां पांचवीं क्लास में, वह तो 2018 में थे. तो वह एक दम से बात बदलते हुए बोला नहीं, नहीं मैं तब 10वीं या 12वीं में था.
Rare video of Brigadier Aryan Verma education UPSC students and giving life lessons to them . pic.twitter.com/MqyRXksZot
— Panther🇮🇳 (@Panther7112) June 30, 2026
नीट फेल UPSC छात्रों को दे रहा सफलता के टिप्स
आर्यन ने कहा कि मैं अपने पापा के साथ एक बार उनकी मीटिंग में गया था. उन्होंने ब्लैक कलर का कोट पहना था. उन्होंने एक डेढ़ घंटे की लंबी सी स्पीच दी थी. उनके साथ गनमैन वगैहर भी थे. मैं पहली बार इतनी बड़ी मीटिंग में गया था तो वह देखते मुझे ऐसा हो गया कि हां मुझे भी यूपीएस सी करना है
'मुझे गनमैन और गाड़ी चाहिए थी'
उसने कहा कि बचपन से तो मेरा मेडिकल फील्ड सेट था. लेकिन उस दिन मेरा एकदम रात में दिमाग बदल गया कि नहीं अब मुझे यूपीएससी करना है. अब डॉक्टर नहीं बनना, मुझे गनमैन चाहिए, मुझे गाड़ी चाहिए. ये डॉक्टर से ज्यादा अच्छा है. आर्यन ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि टाइम टू टाइम जो आप जो देखते हैं तभी आप उसको करने की इच्छा करते हैं. नहीं तो फिर क्या, जैसे बचपन में सबको बताया जाता है डॉक्टर और इंजीनियर बनना है. इतने में किसी ने आर्यन से पूछ लिया कि अमृत त्रिपाठी की खास बात क्या थी. तो उसने कहा कि उस समय पर तो मैंने इतना गौर नहीं किया. लेकिन उनका काम काफी अच्छा था. स्प्रिक्ट थे काम को लेकर. वह हर दिन डैशबोर्ड से कनेक्ट रहते थे. बिल्कुल वर्तमान डीएम की तरह थे.
नीट में फेल हुआ तो बना फर्जी आर्मी अफसर
बता दें कि आर्यन वर्मा नीट में दो बार फेल हो चुका था. अपनी खुद को सेना का ब्रिगेडियर बताता था. फर्जी पहचान को सच दिखाने के लिए वह दो बाउंसर और एक ड्राइवर भी किराए पर रखता था. वह खुद को सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था. उसने इस बात का भी खुलासा किया था कि वह करीब 2 सालों से दिल्ली में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन पर्याप्त रैंक नहीं ला सका. नीट में फेल होने के बाद फर्जी आर्मी अफसर बनने की प्लानिंग कर डाली.
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