- नासिक से चेन्नई के बीच बनने वाले मेगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण जारी है.
- महाराष्ट्र में 374 किलोमीटर के पहले खंड के लिए 90 प्रतिशत जमीन अधिग्रहित हो चुकी है.
- यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच से गुजरेगा.
नासिक चेन्नई एक्सप्रेसवे देश का बड़ा रोड प्रोजेक्ट है. 900 किलोमीटर लंबा यह हाईवे महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से गुजरेगा. यानि पांच राज्यों को जोड़ते हुए यह हाईवे महाराष्ट्र से चेन्नई तक हाईस्पीड सफर देगा. इस प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र के 2 जिलों में 90 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जबकि दूसरे राज्यों में भी प्रक्रिया तेज हो गई है. महाराष्ट्र वाले सेक्शन में अब काम शुरू होने की संभावना है. क्योंकि जमीन अधिग्रहण के बाद इस प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र सेक्शन पर काम शुरू होगा. 6-लेन के इस एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से महाराष्ट्र से तमिनलाडु के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि इन दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक नजरिए से भी यह हाईवे अहम माना जा रहा है. भारत सरकार का यह प्रोजेक्ट पांच राज्यों की रोड कनेक्टिविटी को और मजबूत करने वाला है.
महाराष्ट्र में 374 किलोमीटर का सफर
नासिक से चेन्नई के बीच बनने वाले यह 6 लेन एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र में 374 किलोमीटर का होगा. जिसके लिए 90 प्रतिशत जमीन अधिग्रहित हो चुकी है. ऐसे में अब नासिक जिले से इसकी शुरुआत होगी. यही से निर्माण शुरू होगा, जो महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से होते हुए गुजरेगा. नासिक से शुरू होकर यह अहिल्यानगर, धाराशिव, सोलापुर जिले से होते हुए अक्कलकोट तक जाएगा और यहां से कर्नाटक में एंट्री कर जाएगा. पहला चरण महाराष्ट्र में होगा, जिसमें सबसे पहले काम शुरू किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के लिए भी बहुत अहम माना जा रहा है.
पांच बड़े राज्यों से निकलेगा नासिक चेन्नई एक्सप्रेसवे
- महाराष्ट्र: नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव, सोलापुर, अक्कलकोट
- कर्नाटक: गुलबर्गा, रायचूर
- तेलंगाना: महबूबनगर, नारायणपेट
- आंध्र प्रदेश: कुरनूल, कड़प्पा, अनंतपुर, तिरुपति
- तमिलनाडु: तिरुवल्लूर, चेन्नई
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नासिक से चेन्नई का सफर होगा आसान
नासिक से चेन्नई के बीच हाईवे बन जाने के बाद दोनों शहरों की बीच की दूरी बेहद कम होगी. अभी नासिक से चेन्नई जाने में 1400 किलोमीटर का सफर होता है. लेकिन यह हाईवे बनने के बाद 400 किलोमीटर की कमी आएगी. जिसके बाद दोनों शहरों के लिए 900 किलोमीटर का सफर करना होगा. पहले जो समय 24 से 26 घंटे के बीच लगता था. वह समय अब इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद 12 से 14 घंटे में पूरा हो सकेगा. क्योंकि नए हाईवे से 120 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ियां चल सकेगी. जिससे यह सफर आसान हो जाएगा.
पांच राज्यों के बीच सीधा कॉरिडोर
यह महाराष्ट्र से होते हुए कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तक जाएगा. ऐसे में यह पांच राज्यों का यह सीधा और बड़ा कॉरिडोर बनेगा. जहां नासिक से होते हुए अहमदनगर (अहिल्यानगर), सोलापुर, कुरनूल, कड़प्पा, तिरुपति और चेन्नई जैसे बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक शहर आपस में जुड़ जाएंगे. इसके अलावा यह देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों जैसे शिरडी, पंढरपुर, अक्कलकोट और तिरुमला (तिरुपति) के लिए एक धार्मिक कॉरिडोर का भी काम करेगा. ऐसे में यह आर्थिक और धार्मिक दोनों लिहाज से सही रहेगा.
एनएचएआई का नया अपडेट
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र वाले सेक्शन को पहले ही मंजूरी दे दी है. जहां 374 का लंबा नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर के लिए 19 हजार 142 करोड़ रुपए का बजट भी मूंजर हो चुका है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर विकसित किया जा रहा है. एनएचएआई ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2027 या 2028 के शुरुआती महीनों तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
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