मुंबई में बारिश ने हाल बेहाल कर दिया है. लोगों के घर से बाहर निकलना मुहाल हो गया है. बारिश और तेज हवाओं की वजह से यातायात ठप हो चुका है. तूफानी हवाओं के कारण बीएमसी क्षेत्र (निजी संपत्तियों सहित) में कुल 400 पेड़ और 600 शाखाएं गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं.
सूचना मिलते ही बीएमसी के उद्यान विभाग, आपदा प्रबंधन कक्ष और मुंबई फायर ब्रिगेड ने मिलकर पेड़ों और शाखाओं को हटाने का काम तेज किया है. यातायात और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ज्यादातर जगहों पर रास्ते साफ कर दिए गए हैं. बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि जहां काम चल रहा हो, वहां सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
मौसम विभाग की ओर से दी गई तेज तूफानी हवाओं की चेतावनी के मद्देनजर, नागरिकों की सुरक्षा के लिए बीएमसी ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी पार्कों को दिन भर बंद रखने का फैसला लिया है.
तेज हवाओं के कारण पेड़ों के उखड़ने या शाखाएं टूटने के संभावित खतरे को देखते हुए, बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कल पार्कों में जाने से बचें और प्रशासन का सहयोग करें. मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
Mumbai, Maharashtra: Amid continuous rainfall and a red alert, severe waterlogging has been reported around Lokmanya Tilak Terminus. Flooded roads have disrupted vehicular movement, while passengers and local residents are facing significant difficulties in commuting. pic.twitter.com/XJmhvSPj0i
— IANS (@ians_india) July 6, 2026
BMC के 540 पंपों ने मुंबई को भारी जलभराव से बचाया?
मुंबई में रिकॉर्ड भारी बारिश और हाई टाइड के बावजूद, बीएमसी ने 540 पंपों और 6 प्रमुख पंपिंग स्टेशनों को दिन-रात चलाकर शहर में जलभराव को रोका और लोकल ट्रेन सेवाओं को सुचारू रखा है. BMC ने बताया कि स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन और 540 डी-वॉटरिंग पंप दिन-रात कार्यरत हैं. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बीएमसी के स्टॉर्म वाटर ड्रेन्स विभाग ने मुंबई शहर और उपनगरों में विभिन्न स्थानों पर कुल 547 डी-वॉटरिंग पानी निकालने वाले पंप चालू रखने की व्यवस्था की है.
इससे मुंबई में लगातार तीन दिन रिकॉर्ड बारिश होने के बावजूद पानी की तेजी से और प्रभावी निकासी में बड़ी मदद मिली. नतीजतन, निचले इलाकों के नागरिकों और इन रास्तों से यात्रा करने वाले मुंबईकरों को बड़ी राहत मिली और कई जगहों पर जनजीवन सामान्य बनाए रखने में सफलता मिली.
परेल के हिंदमाता, गांधी मार्केट और सांताक्रूज के मिलन सब-वे में बारिश के पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड जल भंडारण टैंक बनाए गए हैं और वहां से पंप की मदद से पानी निकाला गया. इससे इन जगहों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहा.
इर्ला (जुहू), हाजी अली (महालक्ष्मी), लवग्रोव (वर्ली), क्लीवलैंड (वर्ली गांव), ब्रिटानिया (रे रोड) और गज़दरबंध (सांताक्रूज) स्थित स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशनों को पूरी अवधि के दौरान दिन-रात चालू रखा गया था.
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