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This Article is From Jul 15, 2024

नर्म मिट्टी पर लगाया गया था होर्डिंग, आसपास के पेड़ों को जहर देकर किया गया खराब, घाटकोपर हादसे में 17 मौतों का जिम्मेदार कौन?

SIT ने अपनी चार्जशीट कहा है कि 250 टन वजन वाला होर्डिंग रेलवे की जमीन पर लगा था. JCB ऑपरेटर ने होर्डिंग लगाने वाली कंपनी को बताया था कि मिट्टी नर्म है और यहां होर्डिंग लगाना ठीक नहीं है. फिर भी इस जगह पर होर्डिंग लगाई गई, जो 16 महीने बाद गिर गया.

13 मई 2024 को मुंबई में आए आंधी-तूफान के दौरान घाटकोपर में एक 120 फीट का होर्डिंग जमींदोज हो गया था.
मुंबई:

दो महीने पहले मुंबई के घाटकोपर में हुए होर्डिंग हादसे को लेकर स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार (15 जुलाई) को 3299 पेज की चार्जशीट मुंबई की एक कोर्ट में पेश की है. 13 मई 2024 को मुंबई में आए आंधी-तूफान के दौरान घाटकोपर में एक 120 फीट का होर्डिंग जमींदोज हो गया था. यह घटना मुंबई के घाटकोपर में एक पेट्रोल पंप के नजदीक घटी थी. इस हादसे में एक्टर कार्तिक आर्यन के मामा-मामी समेत कुल 17 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 74 घायल हुए थे.

SIT ने अपनी चार्जशीट कहा है कि 250 टन वजन वाला होर्डिंग रेलवे की जमीन पर लगा था. JCB ऑपरेटर ने होर्डिंग लगाने वाली कंपनी को बताया था कि मिट्टी नर्म है और यहां होर्डिंग लगाना ठीक नहीं है. फिर भी इस जगह पर होर्डिंग लगाई गई, जो 16 महीने बाद गिर गया. चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि रेलवे के अधिकारी, ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी और BMC के अधिकारी मिले हुए थे. चार्जशीट में कई और सवाल भी उठाए गए हैं, जिसके बाद इसे लेकर बहस छिड़ गई है कि होर्डिंग हादसे में 17 लोगों की मौत के जिम्मेदार कौन हैं?

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मुंबई क्राइम ब्रांच की SIT ने  घाटकोपर में होर्डिंग के गिरने का कारण नींव के डिजाइन और निर्माण की गलतियां थीं. नियमों के मुताबिक मुंबई रीजन में सभी स्ट्रक्चर को ऐसे डिजाइन करना चाहिए, जिससे वो 158.4 किमी/घंटा की हवा की गति सह पाए.

4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट 
घाटकोपर हादसे को लेकर SIT 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दी है. BMC और GRP के अफसरों की भूमिका की भी जांच चल रही है. जीआरपी के पूर्व कमिश्नर पर शक के घेरे में हैं. आरोप है कि उन्होंने कायदे कानूनों की अनदेखी की. चार्जशीट में 102 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. इस मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक क़ैसर खालिद को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. 

चार्जशीट के मुताबिक, खालिद ने अपने बयान में दावा किया की उन्होंने पुलिस निधि कल्याण के लिए ही होर्डिंग लगाने की अनुमति दी. उनका कहना है कि उन्होंने कुछ भी अवैध नहीं किया है. हालांकि, SIT की टीम को उन्होंने कायदे-कानूनों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिए. 

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नर्म मिट्टी की जांच करवाए बिना ही लगवा दिया गया होर्डिंग
चार्जशीट के मुताबिक, जब होर्डिंग लगाने का काम किया जा रहा था, तब ही वहां एक पेड़ गिरा था. इस घटना से मशीन ऑपरेटर को मिट्टी के नर्म होने का पता चला था. उसने मिट्टी की पूरी तरह से जांच कराने की सिफारिश कंपनी से की थी. इस जांच में 15 दिन लगने थे. लेकिन ईगो मीडिया के डायरेक्टर और मुख्य आरोपी भावेश भिंडे 15 दिन का इंतजार नहीं करना चाहते थे. उन्होंने मिट्टी की जांच करवाए बिना ही होर्डिंग लगवा दिया.

BMC से नहीं ली गई थी अनुमति
SIT ने अपनी चार्जशीट में कहा कि होर्डिंग का अधिकतम साइज 40 फीट x 40 फीट होता है, लेकिन इस होर्डिंग का साइज तीन गुना ज्यादा था. इतने बड़े होर्डिंग कि वजह से इसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया था. चार्जशीट में म्यूनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी का भी बयान लिया गया है. उन्होंने बताया कि होर्डिंग लगाने के लिए BMC से कोई अनुमति नहीं ली गई थी. होर्डिंग के आसपास के पेड़ों को जहर देकर सुखाने के मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.

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घाटकोपर में होर्डिंग लगाते वक्त हुई नियमों की अनदेखी
नागरिक अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली बताते हैं, "घाटकोपर होर्डिंग हादसे में निश्चित तौर पर लापरवाही बरती गई है. नियमों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार किया गया है. होर्डिंग लगाने के काम के दौरान ही वहां एक पेड़ गिर गया था. इस घटना से मशीन ऑपरेटर को मिट्टी के नर्म होने का पता चला था. अधिकारियों ने बताया था कि यहां अभी काम रोक देना चाहिए और मिट्टी की जांच करानी चाहिए. क्योंकि नर्म मिट्टी की वजह से कोई भी स्ट्रक्चर खड़ा नहीं रह पाएगा. लेकिन ईगो मीडिया के डायरेक्टर ने इसकी अनदेखी की." 

आसपास के पेड़ों को जहर देकर किया गया खराब
अनिल गलगली बताते हैं, "होर्डिंग लगाने के लिए आसपास के पेड़ों को जहर देकर खराब भी किया गया. मैंने इसकी लिखित शिकायत की थी. लेकिन इसपर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई. न ही मुझे मेरी लिखित शिकायत का कोई जवाब मिला."

अनिल गलगली कहते हैं, "इस तरह के हादसों से पहले हमारा पर्यावरण हमें कोई न कोई अलर्ट देता है, जिसे अगर समझा जाता, तो शायद ये हादसा न हुआ होता. शायद 17 लोग आज जिंदा होते."

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