महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक में बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपियों ने परीक्षार्थियों को निर्देश दिए थे कि 10 सवालों के गलत जवाब देना. दरअसल आरोपियों की शक था कि यदि सभी सवालों के जवाब सही-सही दिए गए तो पूरे नंबर आएंगे. ऐसे में पेपर लीक का भांडा फूट सकता है. इसलिए पेपर लीक करने के बाद आरोपियों ने जिन-जिन कैंडिडेट को दिए, उन्हें यह साफ निर्देश दिया कि 10 सवालों के जवाब देना. मालूम हो कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा 22 मार्च को हुई थी. दावा है कि इस परीक्षा के 78 सवाल 20 मार्च को ही WhatsApp ग्रुप पर भेज दिए गए थे. पेपर लीक की पूरी कहानी सामने आने के बाद लोक सेवा आयोग ने इस भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है. साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर पूरे रैकेट को खंगाल रही है.
सभी जवाब सही होने पर पकड़ में आने का था डर
पेपर लीक मामले में आरोपियों ने ऋतुजा पाटिल को दस सवालों के गलत जवाब देने के लिए कहा था. "सभी सवालों के सही जवाब देने पर शक हो सकता है, इसलिए 10 सवाल गलत हल करो", ऐसा निर्देश दिया गया था. आरोपियों द्वारा निकाले गए 294 प्रश्नों में से 77 प्रश्न परीक्षा में उनके अंकों के साथ हुबहू आए थे, सामने आई चैट्स में भी दस सवालों को गलत हल करने की बात स्पष्ट हुई है.
ऋतुजा पाटिल ने 5 लाख रुपए देकर हासिल किए पेपर
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा पास करने वाली मुख्य आरोपी ऋतुजा पाटिल ने पेपर खरीदने के लिए सबसे पहले अपने प्रेमी से पैसों की मांग की थी. क्राइम ब्रांच के अनुसार, FDA इंस्पेक्टर की परीक्षा पास करने वाली ऋतुजा पाटिल ने परीक्षा से पहले अपने प्रेमी गौरव पाटिल (लोकेश) से 5 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा था ताकि अधिकारियों को प्रश्न पत्र के लिए रिश्वत दी जा सके. हालांकि, आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए गौरव ने पैसे देने से इनकार कर दिया था.
कोचिंग संचालक, बिचौलिया और MPSC के कर्मी शामिल
प्रेमी द्वारा पैसे न दे पाने के बाद, ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल जो पेशे से एक शिक्षक हैं उनसे इस रकम की व्यवस्था की. पुलिस के मुताबिक, 5 लाख रुपये की यह रकम नंदुरबार के एक कोचिंग क्लास संचालक और बिचौलिए प्रवीण पाटिल को दी गई. प्रवीण ने फिर MPSC के कर्मचारियों गोपाल मराठे, विश्वेश्वर नकाते और अभिजीत लेंडवे से संपर्क कर प्रश्न पत्र हासिल किया.
ऋतुजा और गौरव के ब्रेकअप से खुला राज
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ ऋतुजा पाटिल और गौरव पाटिल के ब्रेकअप के कारण हुआ. परीक्षा में ऋतुजा पाटिल ने 7वीं रैंक हासिल कर ली थी. पुलिस के मुताबिक, परीक्षा के बाद ऋतुजा और गौरव का ब्रेकअप हो गया. गौरव को यह डर सताने लगा था कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद ऋतुजा आगे बढ़ जाएगी और उसे भूल जाएगी. इसी ईर्ष्या में गौरव ने MPSC को ईमेल कर शिकायत कर दी कि परीक्षा का पेपर लीक हुआ था.
परीक्षा से दो दिन पहले मिल गया था पेपर
शिकायत करने के बाद जब जांच तेज हुई, तो गौरव ने अपनी शिकायत वापस लेने की कोशिश की और खुद को भ्रमित बताया. लेकिन जांच में यह साफ हो गया कि ऋतुजा ने परीक्षा से दो दिन पहले व्हाट्सएप के जरिए गौरव को भी वह लीक पेपर भेजा था, क्योंकि गौरव के भाई को भी परीक्षा देनी थी. इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता गौरव को ही सह-आरोपी बना लिया.
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल, बिचौलिया प्रवीण पाटिल, प्रेमी गौरव पाटिल और MPSC के तीन कर्मचारी शामिल हैं. वहीं, मुख्य उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल फिलहाल फरार है.
सीएम बोले- मास पेपर लीक नहीं, फिर भी एहतियातन पेपर लीक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यह बड़े पैमाने पर हुआ 'मास पेपर लीक' नहीं था. पेपर केवल एक ही व्यक्ति (ऋतुजा) को लीक किया गया था, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा को रद्द कर दिया है. इसके अलावा, इस मामले में एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार और बीजेपी नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं, रोहित पवार 1 सितंबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारी में हैं.
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