महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है. ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद से ही छात्र गुस्से में हैं और अब पुणे में विशाल मार्च निकाला जा रहा है. इस मार्च में हजारों छात्र सड़कों पर हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मार्च पुणे के ओंकारेश्वर मंदिर से शुरू होकर डीएम ऑफिस तक जाएगा. छात्रों के इस आंदोलन में कांग्रेस और एनसीपी के कुछ नेता भी शामिल हैं. इसी बीच हम आपको बताते हैं कि आखिर महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों की सबसे बड़ी मांगें क्या हैं.
छात्रों की 12 बड़ी मांगें
- MPSC अध्यक्ष और सचिव से इस्तीफा लिया जाए और वहां तत्काल साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति हो.
- ग्रुप-बी Group-B परीक्षा की आपत्तियों पर 8 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देकर धांधली की जांच की जाए.
- राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 और कृषि सेवा परीक्षा की वर्णनात्मक descriptive उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग में हुई गलतियों की जांच हो.
- मुंबई क्राइम ब्रांच ने MPSC को जो प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी है, उसे सार्वजनिक किया जाए.
- गिरफ्तार आरोपी अवर सचिव Under Secretary अभिजीत लेंडवे के कार्यकाल की सभी परीक्षाओं का फॉरेंसिक ऑडिट हो.
- आरोपी लेंडवे, मराठे और नखाते के सेवाकाल और प्रमोशन के आधार की गहन जांच की जाए.
- इन तीनों आरोपियों के संपर्क में आकर चयनित हुए उम्मीदवारों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड CDR खंगाले जाएं.
- प्रवीण पाटिल और मयूर ठाकरे के अलावा अन्य दलालों एजेंटों की संलिप्तता की कड़ी जांच हो.
- अन्य परीक्षाओं के परिणामों को लेकर छात्रों की शंकाओं का संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र जांच कराई जाए.
- ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के संदिग्ध परिणामों और पास हुए छात्रों का फॉरेंसिक ऑडिट किया जाए.
- 25 अक्टूबर 2026 को होने वाली ग्रुप-सी प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाए.
- स्टेनोग्राफर के पद को फिर से बहाल किया जाए.
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती परीक्षा को लेकर ये पूरा बवाल मचा है. ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और इसमें पास होने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी हो चुका था. ये सब पूरा होने के बाद अभ्यर्थी जॉइनिंग का इंतजार ही कर रहे थे कि अचानक पेपर लीक की खबर सामने आई. बताया गया कि पेपर से ठीक पहले कई सवाल लीक हो गए थे और पास होने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने इस फर्जीवाड़े का सहारा लिया था.
बवाल मचने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दिया. अब अभ्यर्थी इस पूरे मामले को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और जंतर-मंतर, झारखंड और पटना के बाद अब महाराष्ट्र में बड़ा छात्र आंदोलन दिख सकता है.
(इनपुट - यशपाल सोनकांबले)
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