- MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का भंडाफोड़ मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने किया है
- मामले में MPSC के तीन अधिकारियों समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है
- पेपर लीक का खुलासा एक प्रेमी जोड़े के विवाद के कारण हुआ, जिसने शिकायत मुंबई पुलिस को ईमेल की थी
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग MPSC द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर औषधि निरीक्षक भर्ती परीक्षा में हुए एक बड़े पेपर लीक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए MPSC के तीन अधिकारियों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश एक 'लव स्टोरी' के चलते हुआ. गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
प्रेम प्रसंग से कैसे खुला पेपर लीक का राज?
इस पूरे घोटाले के तार एक प्रेमी जोड़े से जुड़े हुए हैं. जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल ने नंदुरबार के एक कोचिंग क्लास संचालक और इस पेपर लीक के मुख्य सूत्रधार प्रवीण पाटिल से प्रश्नपत्र खरीदा था. ऋतुजा ने यह पेपर अपने प्रेमी गौरव पाटिल के साथ भी साझा किया. परीक्षा के बाद ऋतुजा का चयन हो गया, लेकिन गौरव असफल रहा. इसी बात को लेकर दोनों के बीच भारी विवाद हुआ.
ब्रेकअप और विवाद के बाद, गौरव पाटिल ने ही MPSC को ईमेल के जरिए पेपर लीक की शिकायत कर दी. हालांकि बाद में उसने अपनी शिकायत वापस लेने की कोशिश की, लेकिन तब तक मामले की जांच शुरू हो चुकी थी. इस मामले में गौरव पाटिल को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उसकी भूमिका भी काफी संदिग्ध मानी जा रही है.
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी
मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में शामिल हैं.
- अभिजीत लेंडवे: MPSC के अवर सचिव Under Secretary
- गोपाल मराठे: MPSC के सहायक कक्ष अधिकारी ASO
- विश्वेश्वर नकाते: MPSC के सहायक कक्ष अधिकारी ASO
- प्रवीण पाटिल: पेपर लीक का मुख्य सूत्रधार और कोचिंग क्लास संचालक
- अमृत पाटिल: परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल के पिता
- अन्य एक आरोपी का समावेश है जो इस सिंडिकेट का हिस्सा है.
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती और पेपर लीक की टाइमलाइन
29 जुलाई, 2025: MPSC ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में 'ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी)' पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया.
22 मार्च, 2026: महाराष्ट्र के छह संभागीय मुख्यालयों में ऑफलाइन माध्यम से स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई.
12 जून, 2026: परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 506 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किया गया.
1 से 22 जुलाई, 2026: पात्र उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए, जिसमें 488 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया.
21 जुलाई, 2026: इसी बीच, MPSC को परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक होने के संबंध में एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई.
22 से 26 जुलाई, 2026: आयोग को कई अन्य उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों से भी शिकायतें मिलीं. आरोप लगाया गया कि परीक्षा से दो दिन पहले 20 मार्च को ही कुछ उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र मिल गया था और इसे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया था.
22 जुलाई, 2026: इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद 488 उम्मीदवारों की एक अस्थायी मेरिट लिस्ट जारी की गई, जिसमें 485 उम्मीदवार पात्र और तीन अपात्र पाए गए.
27 जुलाई, 2026: शिकायतों की गंभीरता और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए MPSC ने मुंबई पुलिस से इस पूरे मामले की जांच करने का आधिकारिक अनुरोध किया.
जुलाई 2026 के अंत में: मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपनी प्रारंभिक जांच का रिपोर्ट MPSC को सौंपा. इस रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह साबित हो गया कि कम से कम एक उम्मीदवार को परीक्षा से पहले पेपर मिल गया था और उसने इसका अनुचित लाभ उठाया.
25 अगस्त, 2026: जांच रिपोर्ट के आधार पर, MPSC ने परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप 'बी' की पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही रद्द करने की बड़ी घोषणा कर दी.
आगे क्या होगा?
MPSC ने स्पष्ट किया है कि ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए दोबारा परीक्षा Re-examination आयोजित की जाएगी. जिन उम्मीदवारों ने पहले ही आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा आवेदन करने या कोई अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। नई परीक्षा की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी.
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