पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान 13 लोगों के मारे जाने, दर्जनों के घायल होने और मतदान केंद्रों पर हमलों की रिपोर्ट के एक दिन बाद, राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी(TMC) ने व्यापक हिंसा के आरोपों का खंडन किया. टीएमसी ने कहा कि 61,000 मतदान केंद्रों में से केवल 60 में हिंसक घटनाओं की सूचना है. पार्टी नेता कुणाल घोष, डॉ. शशि पांजा और ब्रत्य बसु ने एक संवाददाता सम्मेलन में हिंसा की निंदा की, जिसमें कहा गया कि कोई भी मौत अफसोसजनक है और हताहतों के बीच तृणमूल कार्यकर्ताओं के प्रति विशेष सहानुभूति व्यक्त की गई. उन्होंने चुनावी हिंसा के आरोपों को वास्तविकता से परे बताकर खारिज कर दिया और दावा किया कि विपक्षी दल और कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा चुनाव को बदनाम करने के लिए "हिंसा की मार्केटिंग" कर रहे थे.
कुणाल घोष ने कहा, "विपक्षी दल पूरी चुनाव प्रक्रिया को हिंसक बताने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव का श्रेय आम जनता को जाता है. हिंसा के दौरान ज्यादातर मौतें तृणमूल कार्यकर्ताओं की हुई हैं, इसलिए अगर तृणमूल हिंसा भड़का रही थी, तो वे अपने कार्यकर्ताओं को क्यों निशाना बनाएंगे?"
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
पांजा ने हिंसा को नियंत्रित करने में केंद्रीय बलों की चूक की ओर ध्यान आकर्षित किया, उनकी क्षमता और उद्देश्यों पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "विपक्षी दलों ने केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की, लेकिन ये बल कहां थे, और वे हिंसा को क्यों नहीं रोक सके? ऐसे उदाहरण हैं जहां सीमा सुरक्षा बल सहित केंद्रीय बलों को कैमरे पर मतदाताओं को धमकी देते और उनसे पूछताछ करते देखा गया. एक विशिष्ट पार्टी के लिए वोट करना करते हुए देखा गया. यह इंगित करता है कि केंद्रीय बलों को राजनीतिक आकाओं के इशारे पर तैनात किया गया था."
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के उप महानिरीक्षक एसएस गुलेरिया ने पहले कहा था कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर जानकारी के लिए उनके बार-बार अनुरोध के बावजूद, पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने पर्याप्त विवरण प्रदान नहीं किया, जिससे इन क्षेत्रों को पर्याप्त रूप से सुरक्षित करने की उनकी क्षमता में बाधा उत्पन्न हुई.
तृणमूल नेताओं ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पर हिंसा की आग भड़काने और लोगों की राय को प्रभावित करने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया. ब्रत्य बसु ने कहा, "राज्यपाल ने चुनिंदा रूप से विपक्षी दलों के पीड़ितों से मुलाकात की है, जबकि मरने वालों में अधिकतर लोग तृणमूल कार्यकर्ता थे. इसके अलावा, वह जहां भी जाते हैं राजनीतिक भाषण दे रहे हैं. एक नामांकित व्यक्ति सत्ता की स्थिति से लोगों की राय को क्यों प्रभावित कर रहा है?"
पंचायत चुनावों से पहले, राज्य चुनाव आयोग ने कुल 61,539 में से 4,834 संवेदनशील बूथों की पहचान की थी और अतिरिक्त सुरक्षा का अनुरोध किया था. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष ने गड़बड़ी फैलाने के लिए गैर-संवेदनशील बूथों को निशाना बनाया.
भाजपा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी चुनाव के दौरान हिंसा की निंदा की है और इसके लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य भर में हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 13 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, मालदा, दक्षिण 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर और नादिया शामिल हैं.
ये भी पढ़ें :-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं