भारतीय संसद पर नजर रखने वाली संस्था PRS लेजिस्लेटिव ने कहा है कि संसद के मॉनसून सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ गया. PRS लेजिस्लेटिव के आंकलन के अनुसार, लोक सभा में मॉनसून सत्र के पहले हफ्ते के दौरान सिर्फ 1.6 घंटे कामकाज हो सका, जो उसके तय समय का सिर्फ 5% था. जबकि, राज्यसभा में पिछले हफ्ते सिर्फ 1.7 घंटे ही काम हो सका, जो उसके तय समय का सिर्फ 6% था.
ज़ाहिर है, NEET पेपर लीक मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध का साया पूरे हफ्ते संसद पर छाया रहा, जिस वजह से संसद का लेजिस्लेटिव बिज़नेस बुरी तरह से प्रभावित हुआ. PRS लेजिस्लेटिव के अनुसार मॉनसून सत्र के पहले हफ्ते के दौरान सिर्फ दो बिल संसद में पेश किए जा सके.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में टकराव कम होने की उम्मीद है. इसको देखते हुए सरकार ने सोमवार को दो अहम बिल लोक सभा के अजेंडे में लिस्ट किया है - The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 और The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026. अब देखना होगा कि सोमवार से संसद के कामकाज में कितना सुधार होता है.
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