- सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव बताया है
- सारनाथ में मौर्यकालीन अवशेष और स्तूप स्थित हैं, जो लगभग 2500 वर्षों से तीर्थयात्रा का केंद्र रहे हैं
यूनेस्को (UNESCO) की World Heritage लिस्ट में नया सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल शामिल किया गया है. इसकी सूचना मिलने पर देश के तमाम लोगों में खुशी की लहर है. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को राष्ट्रीय गौरव का क्षण बताया और इस प्राचीन बौद्ध स्थल को भारत की आध्यात्मिक विरासत का एक स्थायी प्रतीक करार दिया.
The inscription of the ancient Buddhist site of Sarnath in Uttar Pradesh on the UNESCO World Heritage List is a moment of great pride for every Indian.
— Vice-President of India (@VPIndia) July 25, 2026
Sarnath stands as an enduring symbol of peace, wisdom and compassion, embodying the timeless spiritual and philosophical…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सारनाथ को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव बताया.
A proud moment for every Indian!
— Narendra Modi (@narendramodi) July 25, 2026
Delighted that Sarnath in Uttar Pradesh has been inscribed on the UNESCO World Heritage List.
Sarnath has a close association with Lord Buddha, whose timeless message of wisdom, compassion and harmony inspires the world.
This recognition… https://t.co/KkdMOg6g0d
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सारनाथ के UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का स्वागत किया और इसे राज्य की शानदार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक शानदार उदाहरण बताया.
वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सारनाथ एक प्राचीन बौद्ध स्थल है, जहां स्तूप और मौर्यकालीन अवशेष मौजूद हैं. सारनाथ 3 जुलाई, 1998 से UNESCO की संभावित सूची में शामिल था. उत्तर प्रदेश के लिए इसे सूची में शामिल करना इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्य की पहले से मौजूद तीन वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स - ताजमहल, आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी - सभी आगरा इलाके में ही हैं. अब सारनाथ के जुड़ने से राज्य की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स का दायरा पूर्वी यूपी तक बढ़ गया है और इसकी बौद्ध विरासत भी इसमें शामिल हो गई है.
बयान में कहा गया है कि इस पवित्र जगह पर करीब 2,500 सालों से तीर्थयात्रा की परंपरा चली आ रही है और यहाँ बौद्ध मठों के जीवन, वास्तुकला और कला के सबसे शुरुआती और अहम नमूने मौजूद हैं. सारनाथ के नॉमिनेशन की तैयारी करने वाली कंजर्वेशन आर्किटेक्ट आभा नारायण लांबा ने कहा कि इस साइट का मामला इसके अलग-अलग स्मारकों के महत्व से कहीं ज़्यादा बड़ी बात पर आधारित था.
यह भी पढ़ें-
इंसान जैसी दिखने वाली रोबोट बनी टीचर, अमेरिका के हाई स्कूल में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
सोनम-सिया तो खतरनाक पर भारत समेत एशियाई महिलाओं में तलाक लेने का ट्रेंड क्यों बढ़ रहा?
जिसका डर था वही हुआ, होर्मुज में बिछी माइंस से टकराया तेल टैंकर, हुआ भयंकर विस्फोट
यूरोप के हीटवेव के बाद अब पहली बार अमेरिका के एक पूरे शहर में खत्म हो सकता है पानी
उत्तर-पश्चिम चीन के टूरिस्ट स्पॉट पर अचानक आई बाढ़ से 10 लोगों की मौत, 23 घायल
दक्षिण चीन सागर में वियतनाम का एक जहाज डूबा, 62 लोग थे सवार, अब तक 45 को बचाया गया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं