- देशभर में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान बारिश की कमी घटकर बारह प्रतिशत रह गई है
- पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश औसतन पच्चीस प्रतिशत कम होने की रिपोर्ट भारत मौसम विभाग ने जारी की है
- पंजाब, बिहार, कर्नाटक, असम, केरल सहित आठ बड़े राज्यों में बारिश की कमी बीस से चालीस प्रतिशत के बीच दर्ज हुई है
पिछले कुछ दिनों के दौरान पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में हुई तेज बारिश के कारण दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देशभर में बारिश की कमी घटकर 12% रह गई है. हालांकि, देश के दो बड़े क्षेत्रों में अब भी बारिश की कमी 23% से 25% के बीच दर्ज की गई है.
भारत मौसम विभाग ने 27 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सबसे अधिक बारिश की कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में दर्ज की गई है, जहां इस वर्ष मॉनसून सीजन के दौरान औसत से 25% कम बारिश हुई है. वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की कमी 23% रिकॉर्ड की गई है.
बारिश की कमी से जूझ रहे 8 बड़े राज्य
पंजाब : -42%
बिहार : -31%
कर्नाटक : -30%
असम : -28%
केरल : -27%
हरियाणा : -25%
आंध्र प्रदेश : -23%
राजस्थान : -22%
कृषि की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान कमजोर बारिश का सीधा असर प्रमुख खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है. इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान 25 सितंबर तक चावल की बुआई में 16.32 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है. कृषि मंत्रालय ने खरीफ फसलों की बुआई की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सार्वजनिक किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर तक देशभर में सबसे बड़ी गिरावट चावल की बुआई में दर्ज की गई है.
चावल की बुआई 430.93 लाख हेक्टेयर रह गई
पिछले वर्ष 25 सितंबर तक देशभर में चावल की बुआई 447.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी, लेकिन इस वर्ष 25 सितंबर तक यह घटकर 430.93 लाख हेक्टेयर रह गई. यानी पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अब तक चावल की बुआई 16.32 लाख हेक्टेयर (-3.65%) कम क्षेत्र में हुई है.
कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 सितंबर 2026 तक देशभर में प्रमुख खरीफ फसलों की कुल बुआई पिछले वर्ष की तुलना में 13.54 लाख हेक्टेयर (-1.21%) कम क्षेत्र में दर्ज की गई है. हालांकि, दालों की बुआई के रकबे में 2.36 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि तिलहनी फसलों का बुआई क्षेत्र लगभग पिछले वर्ष के बराबर बना हुआ है.
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