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कोरोना जैसे हालात से निकले, इससे भी निकलेंगे... मिडिल ईस्ट संकट पर मन की बात में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण समय है. सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि एकजुट होकर उस चुनौती से बाहर निकलना है. जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.

कोरोना जैसे हालात से निकले, इससे भी निकलेंगे... मिडिल ईस्ट संकट पर मन की बात में बोले पीएम मोदी
  • PM नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मिडिल ईस्ट संकट से निपटने के लिए एकजुट रहने का आग्रह किया.
  • उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले एक करोड़ से अधिक भारतीयों को सहायता देने के लिए आभार व्यक्त किया
  • साथ ही पीएम मोदी ने ने टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जीत पर गर्व जताते हुए देशवासियों को बधाई दी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में मिडिल ईस्‍ट तनाव और ऊर्जा संकट का जिक्र किया. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना जैसे हालात से निकले हैं और इस संकट से भी निकलेंगे. साथ ही राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि मुश्किल भरे समय में राजनीति न करें. पीएम मोदी ने कहा कि निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है. मैं सभी देशवासियों से फिर से यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है. पीएम मोदी ने नौकरी की वजह से मध्य पूर्व के देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और मदद के लिए गल्फ और खाड़ी देशों की सरकार का धन्यवाद किया. साथ ही बताया कि वर्तमान ऊर्जा संकट की स्थिति में भारत डटकर इसका मुकाबला कर रहा है. 

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि मार्च का ये महीना वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है. हमें याद है कि पूरी दुनिया कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था. हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया एक नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी, लेकिन वर्तमान काल में दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनती चली गई है. हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है. 

खाड़ी देशों का आभार, अफवाहों से बचने की सलाह

साथ ही भारतीयों की मदद के लिए खाड़ी देशों का आभार जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लाखों परिवारों के सगे- संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं. मैं गल्फ देशों का आभारी हूं कि वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है. इसकी वजह से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी देशवासियों से अपील करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में न आएं. 

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संकट का डटकर मुकाबला कर रहा भारत: PM मोदी 

पीएम मोदी ने बताया कि भारत वर्तमान ऊर्जा संकट का डटकर मुकाबला कर रहा है. साथ ही उन्होंने देश के लोगों से एकजुटता की अपील की. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में जो देश का सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है. 

साथ ही उन्‍होंने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण समय है. सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि एकजुट होकर उस चुनौती से बाहर निकलना है. जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है. इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है. 

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अपनी टीम पर हम सभी को गर्व है: पीएम मोदी 

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देशभर के क्रिकेट फैंस के लिए यह महीना जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा है. उन्‍होंने कहा कि जब भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की तो देश में हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई. अपनी टीम की इस शानदार सफलता पर हम सभी को बहुत गर्व है. 

साथ ही कहा कि मुझे अस्मिता एथलेटिक्‍स लीग की जानकारी भी मिली है. इसमें 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर कई स्‍स्‍खेलों का शानदार आयोजन किया गया. उन्‍होंने कहा कि इस लीग में करीब दो लाख बेटियों ने भागीदारी की. यह देख अच्छा लगता है कि भारत की नारीशक्ति देश में हो रहे इस स्‍पोर्टिंग ट्रांसफोर्मेशन में अहम भूमिका निभा रही है. 

पांडुलिपियों के सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील 

साथ ही पीएम मोदी ने देशवासियों से पांडुलिपियों के सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह पहल देशवासियों की जनभागीदारी की भावना और भारत की समृद्ध संस्कृति व विरासत को सामने लाने का अवसर है. उन्होंने कहा कि भारत की ताकत यहां के कोटि-कोटि लोगों में निहित है. आज 'मन की बात' में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है. यह प्रयास 'ज्ञान भारतम सर्वे' है, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है. इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है. इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम 'ज्ञान भारतम' ऐप है. 

उन्‍होंने कहा कि आपके पास अगर कोई पांडुलिपि है या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो 'ज्ञान भारतम ऐप' पर साझा करें. हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब तक हजारों पांडुलिपि लोगों ने शेयर की हैं. 

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