भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर धारावी के 40 से ज़्यादा स्कूलों के 1,000 से ज़्यादा छात्रों ने "मेरे सपनों की धारावी 2.0" कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस पहल में स्कूलों के बीच एक बड़ी ड्राइंग प्रतियोगिता और छात्रों की सोच को दिखाने के लिए एक नई साइंस प्रदर्शनी शामिल थी. यह कार्यक्रम अदाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL), जो धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को पूरा कर रही SPV है, उन्होंने धारावी सोशल मिशन (DSM) के साथ मिलकर आयोजित किया था.
यह मंच धारावी के युवाओं को यह बताने का मौका देने के लिए बनाया गया था कि वे कला और इनोवेशन के ज़रिए अपने तेज़ी से बदलते इलाके को कैसे विकसित होते देखना चाहते हैं.

छात्रों ने साफ ऊर्जा, पानी बचाने और कचरा प्रबंधन जैसे ज़रूरी स्थानीय मुद्दों पर प्रैक्टिकल साइंस मॉडल और कलाकृतियां पेश कीं.
बच्चों के प्रोजेक्ट्स में जिन मुख्य विषयों पर काम किया गया, उनमें हरे-भरे सार्वजनिक स्थान बनाना, आधुनिक स्कूल, बेहतर हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी-आधारित नागरिक सेवाएं शामिल थीं.

यह दूसरा एडिशन जनवरी 2025 के पहले प्रोग्राम को और आगे बढ़ाता है, जिसमें क्रिएटिव आर्ट्स के साथ-साथ प्रैक्टिकल वैज्ञानिक समस्या-समाधान को भी जोड़ा गया है.

नेहरू साइंस सेंटर के डायरेक्टर अरविंद परांजपे ने छात्रों के प्रोजेक्ट्स की तारीफ की, क्योंकि उनमें ज़बरदस्त जिज्ञासा और बहुत ज़रूरी वैज्ञानिक सोच दिखाई दी.

यशिका कोरी और शेख़ अली समेत जीतने वाले छात्रों ने साफ-सुथरे माहौल, बेहतर नागरिक सुविधाओं और संसाधनों के सही इस्तेमाल की अपनी इच्छा पर जोर दिया.
इस पहल का मुख्य मकसद युवा निवासियों की उम्मीद भरी और भविष्य के लिए तैयार सोच को एशिया के सबसे बड़े शहरी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान में शामिल करना है.
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