- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टीईटी पेपर लीक मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं को बख्शने से इनकार किया है.
- शिंदे ने आरोपियों के खिलाफ मकोका कानून के तहत कार्रवाई करने पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने का संकेत दिया है.
- उन्होंने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया.
महाराष्ट्र में TET पेपर लीक मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. इस गंभीर मामले पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि मुख्य साजिशकर्ताओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि आरोपियों पर मकोका जैसे सख्त कानून के तहत कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लग सके.
मकोका लगाने पर होगा विचार
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद गंभीर और निंदनीय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं और गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई करने को लेकर वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा करेंगे.
जांच होगी सख्त और निष्पक्ष
शिंदे ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे नहीं बख्शा जाएगा. जो भी इस संगठित अपराध में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस' नीति
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है. उनके मुताबिक, पेपर लीक कोई छोटी गड़बड़ी नहीं, बल्कि यह एक संगठित अपराध का हिस्सा है, जिसे सख्ती से खत्म करना जरूरी है. उन्होंने पुलिस की तत्परता की तारीफ करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई के कारण लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो पाया. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी से बड़ा नुकसान टल गया.
परीक्षा फिर से कराने का आश्वासन
टीईटी परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हुए शिंदे ने कहा कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी. उन्होंने कहा कि किसी भी ईमानदार उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचारमुक्त और मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा बरकरार रहे.
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