Paper Leak India: भारत में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का लीक होना अब कोई अपवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह एक अत्यधिक संगठित, व्यापक और भयानक प्रवृत्ति में बदल चुका है. महाराष्ट्र टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का पेपर, जो 28 जून, 2026 को आयोजित होने वाला था, उसका हाल ही में लीक होना और उसके बाद परीक्षा का स्थगित किया जाना इस कड़वी सच्चाई का एक और ताजा उदाहरण है. कड़े कानूनों और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, परीक्षा माफिया का नेटवर्क देश की रीढ़ यानी युवाओं के भविष्य पर लगातार प्रहार कर रहा है.
पेपर लीक के मामलों में बच गए बड़े अधिकारी
पेपर लीक को लेकर पब्लिश हुईं तमाम रिपोर्ट्स में ये बात साफ है कि 2002 और 2025 के बीच देश में पेपर लीक के 45 प्रमुख मामलों में प्रमुख पदों पर बैठे केवल कुछ ही उच्च पदस्थ अधिकारियों पर वास्तविक कार्रवाई या ठोस दंड लगाए गए थे. अधिकांश मामलों में, शीर्ष स्तर की जवाबदेही पूरी तरह से शून्य रही. पिछले 7 सालों में, 15 राज्यों में भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं सहित परीक्षा लीक के 70 से अधिक प्रमुख मामले सामने आए. इन पेपर लीक की घटनाओं ने लगभग 1.7 करोड़ छात्रों और आवेदकों के भविष्य को दांव पर लगा दिया.
पिछले कुछ वक्त में रद्द हुई ये बड़ी परीक्षाएं
- महाराष्ट्र TET परीक्षा, जो जून 2026 में होनी थी और जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए, पेपर लीक होने के कारण स्थगित कर दी गई.
- NEET UG परीक्षा, जो 3 मई 2026 में हुई थी और जिससे 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए, बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दी गई.
- उत्तराखंड में UKSSSC ग्रेजुएट-लेवल भर्ती परीक्षा, जिससे अक्टूबर 2025 में लगभग 1 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए, पेपर लीक और घोटाले के कारण रद्द कर दी गई.
- हिंदी विषय के लिए HPSC असिस्टेंट प्रोफेसर लिखित परीक्षा, जो जून 2025 में होनी थी और जिससे हजारों उम्मीदवार प्रभावित हुए, आधिकारिक तौर पर रद्द कर दी गई.
- मार्च 2025 में, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने मुगलसराय, उत्तर प्रदेश में ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) विभागीय परीक्षा से जुड़े एक बड़े पेपर लीक घोटाले का पर्दाफाश किया.
- जून 2024 में हुई NEET परीक्षा, जिससे लगभग 23 लाख छात्र प्रभावित हुए, देशव्यापी विवाद और कानूनी जांच का विषय बनी.
- जून 2024 में हुई NET परीक्षा, जिससे लगभग 9 लाख छात्र प्रभावित हुए, पूरी तरह से रद्द कर दी गई.
- फरवरी 2024 में हुई UP पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, जिससे लगभग 48 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए, बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया.
- फरवरी 2024 में हुई UP रिव्यू ऑफिसर/असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (RO/ARO) प्रारंभिक परीक्षा, जिसमें 10.76 लाख उम्मीदवार पंजीकृत थे, पूरी तरह से रद्द कर दी गई.
स्कूलों तक भी पहुंच चुका है पेपर लीक का जहर
यह संकट केवल उच्च शिक्षा या नौकरियों तक ही सीमित नहीं है; बल्कि इसने अपने पैर स्कूलों के स्तर तक भी पसार लिए हैं. उदाहरण के लिए, बिहार बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा के पेपर 6 बार लीक हो चुके हैं, पश्चिम बंगाल बोर्ड की परीक्षा के पेपर कम से कम 10 बार लीक हुए हैं और तमिलनाडु में वर्ष 2022 में कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों के प्रश्नपत्र लीक हुए थे. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात जैसे राज्य इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं.
'पेपर लीक' जैसी प्रशासनिक विफलताएं देश भर के करोड़ों होनहार और मेहनती युवाओं के भरोसे को चकनाचूर कर रही हैं. भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए परीक्षा के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और दोषमुक्त (foolproof) बनाना अब वैकल्पिक नहीं बल्कि अत्यंत अनिवार्य है.
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