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मायावती का बड़ा ऐलान- बसपा अकेले ही यूपी और उत्तराखंड समेत तीन राज्यों में लड़ेगी चुनाव

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में अकेले ही चुनाव में लड़ने का ऐलान किया है.

मायावती का बड़ा ऐलान- बसपा अकेले ही यूपी और उत्तराखंड समेत तीन राज्यों में लड़ेगी चुनाव
  • बसपा सुप्रीमो मायावती ने पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है
  • मायावती ने अपने ट्वीट में एक प्रेस रिलीज साझा कर इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की है
  • बसपा ने तीनों राज्यों के चुनावों में अच्छा परिणाम लाने का संकल्प भी व्यक्त किया है
नई दिल्ली:

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में अकेले ही चुनाव में लड़ने का ऐलान किया है. मायावती ने ट्वीट में एक प्रेस रिलीज शेयर की है, जिसमें बताया है कि बसपा अकेले ही पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव लड़ेगी और अच्छा रिजल्ट लाने का संकल्प लिया गया है. मायावती का कहना है कि इन चुनावों में बसपा कर्मठ और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर जोर देगी. इसके अलावा 9 अक्तूबर को बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती को देश भर में बड़े पैमाने पर मनाने का ऐलान किया है. मायावती ने बताया कि पार्टी संगठन की लंबी बैठक के बाद इन निर्णयों पर सहमति बनी है.

एक फैसला यह भी लिया गया है कि 15 जनवरी, 2027 यानी मायावती के जन्मदिन के मौके पर जनकल्याणकारी दिवस का आयोजन होगा. इस दौरान पिछली बार से ज्यादा आर्थिक सहयोग समाज से जुटाया जाएगा. इससे अंबेडकरवादी विचारधरा के प्रसार और बसपा के मूवमेंट को मजबूत किया जाएगा. इस दौरान यह भी तय हुआ कि पंजाब में पार्टी अपने जनाधार को बढ़ाने पर फोकस करेगी. इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड में उम्मीदवारों के चयन में पारदर्शिता बरती जाएगी. बसपा के संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर भी मंथन किया गया. 

मायावती बोलीं- अफवाहों से बचें और मनोबल बनाए रखें

लखनऊ कार्यालय में हुई इस मीटिंग के दौरान मायावती ने पदाधिकारियों को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह ही पंजाब का चुनाव भी बसपा अकेले लड़ेगी और अच्छा परिणाम लाएगी. मायावती ने कहा कि हमें कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखना है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह भी कहा जाएगा कि बसपा की सीटें और वोट प्रतिशत अकेले लड़ने से कम होगा. ऐसे में विरोधियों के सभी साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों का डट कर सामना करना होगा. मायावती ने पंजाब को लेकर कहा कि वहां राज्य की जनता आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा समेत सभी दलों के रवैये और सरकारों से त्रस्त है. अब बसपा को वहां बदलाव के लिए काम करना होगा. 

2019 में सपा के साथ मिलकर लड़ी थी बसपा, जीती थीं 10 लोकसभा सीट

बता दें कि मायावती और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने 2019 के आम चुनाव से पहले गठबंधन किया था. लेकिन चुनाव के बाद बसपा अलग हो गई थी. तब बसपा के 10 लोकसभा सांसद जीते थे, जबकि सपा को 5 सीटें ही मिली थीं. मायावती ने अलग होते हुए सपा पर आरोप लगाया था कि उनके साथ गठबंधन से हमें कोई फायदा नहीं हुआ. लंबे समय बाद वह मौका था, जब बसपा किसी दल से मिलकर चुनाव लड़ी थी. फिर उसके बाद लगातार बसपा अकेले ही चुनाव में उतरते रही है. हालांकि इस दौरान उसका प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा को एक ही सीट मिली थी. इसके अलावा लोकसभा इलेक्शन 2024 में तो एक भी सांसद उसका नहीं चुना जा सका.

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